होमकानूनUP: स्थायी लोक अदालत आइए...सरकारी दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा पाइए-हर महीने 10-15 मामले निस्तारित
कानून

UP: स्थायी लोक अदालत आइए...सरकारी दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा पाइए-हर महीने 10-15 मामले निस्तारित

UP: स्थायी लोक अदालत आइए...सरकारी दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा पाइए-हर महीने 10-15 मामले निस्तारित गोरखपुर में स्थायी लोक अदालत का गठन वर्ष 2010 में किया गया था। वर्तमान में यहां लगभग 800 मामले लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक…

Amar Ujala के अनुसार14 जून 2026 को 07:29 am बजे
UP: स्थायी लोक अदालत आइए...सरकारी दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा पाइए-हर महीने 10-15 मामले निस्तारित

सौजन्य से:- Amar Ujala

UP: स्थायी लोक अदालत आइए...सरकारी दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा पाइए-हर महीने 10-15 मामले निस्तारित

गोरखपुर में स्थायी लोक अदालत का गठन वर्ष 2010 में किया गया था। वर्तमान में यहां लगभग 800 मामले लंबित हैं। इनमें सबसे अधिक मामले बिजली विभाग और बीमा कंपनियों से जुड़े हैं। अदालत प्रतिमाह औसतन 10 से 15 मामलों का निस्तारण कर रही है और लंबित मामलों को तेजी से कम करने का प्रयास जारी है।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

न्याय पाने की आस में जिम्मेदारों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं तो स्थायी लोक अदालत आपके लिए ही है। बिजली बिल की गड़बड़ी, बीमा दावे का भुगतान न होना, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं या अन्य जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत आम लोगों के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रही है।

खास बात यह है कि यहां वाद दाखिल करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता और मामलों का निस्तारण अपेक्षाकृत कम समय में सुलह-समझौते अथवा गुण-दोष के आधार पर किया जाता है। गोरखपुर में स्थायी लोक अदालत का गठन वर्ष 2010 में किया गया था। वर्तमान में यहां लगभग 800 मामले लंबित हैं।

इनमें सबसे अधिक मामले बिजली विभाग और बीमा कंपनियों से जुड़े हैं। अदालत प्रतिमाह औसतन 10 से 15 मामलों का निस्तारण कर रही है और लंबित मामलों को तेजी से कम करने का प्रयास जारी है।

स्थायी लोक अदालत में वर्तमान समय में प्रमोद कुमार सिंह अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जबकि संगीता प्रकाश त्रिपाठी सदस्य हैं। बिजली और बीमा मामलों को लेकर लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक सफाई और स्वच्छता से जुड़े मामलों में जागरूकता अपेक्षाकृत कम है।

स्थायी लोक अदालत की सदस्य संगीता प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि यहां वाद दायर करने के लिए किसी प्रकार का न्यायालय शुल्क नहीं देना पड़ता। साथ ही अदालत की ओर से पारित आदेश अंतिम माना जाता है। इसके विरुद्ध सामान्य अपील का प्रावधान नहीं है, हालांकि उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की जा सकती है।

इन मामलों की होती है सुनवाई

स्थायी लोक अदालत में परिवहन सेवाएं, डाक एवं दूरसंचार सेवाएं, बिजली, पानी और प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक सफाई एवं स्वच्छता, अस्पताल और औषधालय सेवाएं, बीमा, शिक्षा संस्थानों तथा भू-संपदा एवं रियल एस्टेट से जुड़े विवादों का निस्तारण किया जाता है।

अदालत का उद्देश्य आम नागरिकों को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है ताकि लोग लंबी अदालती प्रक्रिया और अनावश्यक खर्च से बच सकें- संगीता प्रकाश त्रिपाठी, सदस्य, स्थायी लोक अदालत

खजनी की निवासी पूनम के पति ने रेल यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कराया था। उसमें यात्रा दुर्घटना बीमा भी शामिल था। यात्रा के दौरान दुर्घटना में उनके पति की मौत हो गई। बीमा नियमों के अनुसार, मृतक के आश्रितों को मुआवजा मिलने का प्रावधान है लेकिन पूनम को बीमा राशि नहीं मिली।

इसके बाद उन्होंने स्थायी लोक अदालत में मामला दायर किया। सुनवाई के दौरान यह सिद्ध हुआ कि मृतक बीमा सुरक्षा के दायरे में था। अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि पूनम को 5 लाख रुपये तथा 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित मुआवजा प्रदान किया जाए।

भटहट की निवासी अनिता ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी ऑपरेशन कराया था। कुछ समय बाद उन्हें दोबारा संतान हुई, जो चिकित्सीय लापरवाही का मामला माना गया। सरकारी नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में प्रभावित महिला को 30 हजार रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है।

अनिता ने कई बार संबंधित अधिकारियों और ब्लॉक कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। थक हारकर उन्होंने स्थायी लोक अदालत में मुकदमा दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने हस्तक्षेप किया और अनिता को नियमानुसार 30 हजार रुपये का मुआवजा दिलाया, जिससे उन्हें न्याय प्राप्त हुआ।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

क्या एक करोड़ पर थम जाएगी स्विट्जरलैंड की आबादी? जनसंख्या नियंत्रण कानून पर हो रही वोटिंग
 - switzerland votes on 10m population cap amid immigration debate
कानून

क्या एक करोड़ पर थम जाएगी स्विट्जरलैंड की आबादी? जनसंख्या नियंत्रण कानून पर हो रही वोटिंग - switzerland votes on 10m population cap amid immigration debate

गृहणियों पर सुप्रीम कोर्ट: किस बात ने सुप्रीम कोर्ट को उनके श्रम की मात्रा निर्धारित करने पर मजबूर कर दिया
कानून

गृहणियों पर सुप्रीम कोर्ट: किस बात ने सुप्रीम कोर्ट को उनके श्रम की मात्रा निर्धारित करने पर मजबूर कर दिया

वसीयत से जुड़ी काम की खबर, प्रोबेट को सिर्फ 3 साल के अंदर ही दे सकते हैं चुनौती, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जानना जरूरी
कानून

वसीयत से जुड़ी काम की खबर, प्रोबेट को सिर्फ 3 साल के अंदर ही दे सकते हैं चुनौती, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जानना जरूरी

कॉकरोच-जनता पार्टी को जयपुर में प्रदर्शन की परमिशन नहीं मिली:  पुलिस ने कानून व्यवस्था का दिया हवाला, पार्टी आज आगे की रणनीति बताएगी - Jaipur News
कानून

कॉकरोच-जनता पार्टी को जयपुर में प्रदर्शन की परमिशन नहीं मिली: पुलिस ने कानून व्यवस्था का दिया हवाला, पार्टी आज आगे की रणनीति बताएगी - Jaipur News

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-up, Supreme Court, Weekly Round-up, सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप
कानून

सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र | Supreme Court Weekly Round-up, Supreme Court, Weekly Round-up, सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप

योगेन्द्र यादव क्यों मानते हैं कि एडीआर के फैसले का प्रभाव बिहार के एसआईआर से परे है?
कानून

योगेन्द्र यादव क्यों मानते हैं कि एडीआर के फैसले का प्रभाव बिहार के एसआईआर से परे है?

Uttarakhand: देवभूमि परिवार कानून लागू; राज्यपाल की मिली मंजूरी, 15 साल से निवास कर रहे लोगों को मिलेगी आईडी
कानून

Uttarakhand: देवभूमि परिवार कानून लागू; राज्यपाल की मिली मंजूरी, 15 साल से निवास कर रहे लोगों को मिलेगी आईडी

सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द की:  पीड़िता को पति ने छोड़ा तो आरोपी ने ही शादी की, 10 लाख का मुआवजा भी दिया
कानून

सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट में मिली सजा रद्द की: पीड़िता को पति ने छोड़ा तो आरोपी ने ही शादी की, 10 लाख का मुआवजा भी दिया

ताज़ा ख़बरें