सुप्रीम कोर्ट ने फोरेंसिक व्यवस्था की समीक्षा शुरू की
सुप्रीम कोर्ट ने देश में फोरेंसिक जांच सुविधाओं और प्रयोगशालाओं की स्थिति की समीक्षा शुरू की

सुप्रीम कोर्ट ने देश में फोरेंसिक जांच सुविधाओं और प्रयोगशालाओं की स्थिति की समीक्षा शुरू की है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका लगातार बढ़ रही है और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मजबूत फोरेंसिक ढांचा अत्यंत आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विभिन्न राज्यों में फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की क्षमता, लंबित रिपोर्टों की संख्या और विशेषज्ञ कर्मियों की उपलब्धता को लेकर चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से फोरेंसिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है।
सूत्र: सुप्रीम कोर्ट की यह पहल आपराधिक मामलों की सुनवाई को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक आधार पर संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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