वकील
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए आदिश अग्रवाल ने नामांकन दाखिल किया
वरिष्ठ वकील आदिश अग्रवाल ने आगामी चुनाव में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वह 2023-24 के कार्यकाल के दौरान एससीबीए अध्यक्ष थे।

सौजन्य से:- Live Law
वरिष्ठ वकील आदिश अग्रवाल ने एससीबीए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया
लाइवलॉ न्यूज़ नेटवर्क
6 अगस्त 2026 7:47 अपराह्न IST
इस आलेख को सुनें
वरिष्ठ वकील आदिश अग्रवाल ने आगामी चुनाव में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया है।
वह 2023-24 के कार्यकाल के दौरान एससीबीए अध्यक्ष थे।
अगली कहानी
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
वकील
सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के 6 पदों के गायन पर दंड के प्रश्न को जांचने का आश्वासन दिया

वकील
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के वेतन कटौती व अवमानना आदेश पर रोक लगाई, हिमाचल के बागवानी सचिव को मिली राहत

वकील
सुप्रीम कोर्ट ने वैध कारणों से ‘वन्दे मातरम्’ न गाने पर दंड की जाँच को स्वीकृत किया, पर गीत के पदों की संख्या का फैसला संसद के अधिकार में रखा

वकील
सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की ऊँची कीमतों को ‘डकैती’ कहा, दवाओं पर मूल्य नियंत्रण की मांग

वकील
दिल्ली के 33 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण व फ़िल्टरिंग का निर्देश

वकील
लोक अदालत ने फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना के मुआवजा क्लेम का निपटारा; बीमा कंपनी को 2.5 लाख रुपये देने का आदेश

वकील
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली SIR नोटिसों को ‘मशीन‑जनित’ कहा

वकील
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के वोटर लिस्ट रिव्यू में ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेन्सी’ नोटिस को यांत्रिक बताया
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के प्रीमियम FAR योजना पर सरकार को नोटिस जारी किया
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को मुनाफ़ा‑उपार्जन संस्था नहीं चलाने की चेतावनी
- रॉडाली बारुआ: 2026 एशियन गेम्स टैक्वांदो टीम में तुरंत प्रवेश के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से अपील
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने विजय माल्या को कोर्ट दस्तावेज़ ऑनलाइन साझा करने से रोक दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, धार्मिक कारणों से वंदे मातरम् न गाने पर कोई आपराधिक दंड नहीं
- पैत्रिक व स्व-अर्जित संपत्ति में पिता के अधिकार: एक बेटे को सब दे पाना क्या वैध?
- झारखंड हाई कोर्ट ने कहा: बिहार का शराबबंदी कानून यहाँ नहीं लागू, जब्त पिक‑अप वैन को शर्तों के साथ रिहा
- पैतृक बनाम स्व-अर्जित: पिता की सम्पत्ति विभाजन पर सुप्रीम कोर्ट की 2026 तक की दिशा‑निर्देश

