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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी।

19 जुलाई 2026 को 05:13 pm बजे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की

सौजन्य से:- India TV Hindi

नई दिल्ली: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है। यह रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है। अब इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच सोमवार को करेगी।

चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं शीर्ष अदालत में दाखिल की गई हैं। इनकी सुनवाई भी सोमवार होगी। इसी दौरान एसआईटी भी अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को इन याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मामले की जांच के लिए गठित SIT को अदालत के सामने रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ''कुछ रिट याचिकाओं में यह कहा गया है कि इस मामले में पहले ही कुछ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है। इसलिए हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT को निर्देश देते हैं कि वह अदालत में स्टेट्स रिपोर्ट प्रस्तुत करे।''

सीबीआई जांच की मांग

मामले के एक याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने राम मंदिर के प्रबंधन का दायित्व संभाल रहे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का CAG से ऑडिट कराने की भी मांग की है। वहीं याचिका दायर करने वाले अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने कहा है कि ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा अन्य कथित अवैध कृत्यों की जांच सीबीआई की अगुवाई में गठित एसआईटी से करानी चाहिए।

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर तीसरी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने के साथ-साथ ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट कराने का भी अनुरोध किया गया है। वहीं'हिंदू धर्म परिषद' की ओर से दायर एक अन्य याचिका में भी शीर्ष अदालत की निगरानी में आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

13 जून को एसआईटी का गठन

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बाद 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन किया था। SIT में लखनऊ मंडल के कमिश्नवर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस.और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं। इस मामले में 6 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की एक बैठक हुई थी जिसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूर कर लिया गया था। वहीं कृष्ण गोपाल को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

आठ आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी

चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव, और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। ये सभी दान की रकम की काउंटिग से जुड़े हुए हैं। इनमें से छह कैशियर हैं, जबकि टिन्नू यादव का काम कैश की काउंटिग को सुपरवाइज़ करने से लेकर उसे बैंक तक ले जाने का होता था। वहीं सुभाष श्रीवास्तव की निगरानी में ये सभी छह कैशियर राम मंदिर में आए चढ़ावे का हिसाब किताब रखते थे।

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