होमअपराधसुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में विधेयक पेश
अपराध

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में विधेयक पेश

लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने के लिए विधेयक पेश किया गया है, इस विधेयक के पारित होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। यह विधेयक 1956 के विधेयक में संशोधन करने के लिए लाया गया है।

20 जुलाई 2026 को 08:14 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में विधेयक पेश

सौजन्य से:- Navbharat Times

लोकसभा में आज सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश कर दिया गया। इस विधेयक के पास होने के बाद देश के सर्वोच्च अदालत में जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। इस बिल का मकसद सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) एक्ट, 1956 में और संशोधन करना है।

नई दिल्ली: कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक के पास होने के बाद देश के सर्वोच्च अदालत में जजों की संख्या बढ़ जाएगी। इस बिल का मकसद सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) एक्ट, 1956 में और संशोधन करना है। प्रस्तावित कानून का मकसद केंद्र द्वारा जारी उस अध्यादेश की जगह लेना है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 की गई थी।

विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक और चढ़ावा चोरी पर कर रहे थे हंगामा

यह बिल तब पेश किया गया जब विपक्ष के सदस्य सदन में कथित NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर नारे लगा रहे थे। लगातार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा कथित NEET पेपर लीक और छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन का मुद्दा उठाए जाने के बाद कार्यवाही में बाधा पड़ी।

खरगे ने CJP समर्थकों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि आपने मुझे इस पेपर लीक और NEET परीक्षा घोटाले के बारे में अपनी बात रखने का मौका दिया है। यह मामला छात्रों से जुड़ा है; मैं लाखों बच्चों के भविष्य की बात कर रहा हूं। इस मुद्दे के लिए हजारों छात्र जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है।

सरकार बल प्रयोग करके आवाज दबाने और उन्हें वहां से हटाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

लेखक के बारे मेंसंजीव कुमारसंजीव कुमार (सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर)

संजीव कुमार वर्तमान में नवभारत टाइम्स में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वे मई 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। पत्रकारिता में ऑनलाइन न्यूज डेस्क पर उन्हें काम करने का 6 साल का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह अमर उजाला, वन इंडिया हिंदी और दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में सेवा दे चुके हैं। वह वर्तमान में नवभारत टाइम्स में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं।

विशेषज्ञता

संजीव कुमार खास तौर पर मौसम की खबर, नेशनल और राजनीति की खबर, ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें, एक्सप्लेनर और रिसर्च आधारित खबरें करते हैं। इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं।

पत्रकारिता अनुभव

संजीव कुमार ने पत्रकारिता में स्नातक और मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां उन्होंने हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज, स्पेशल खबरों को यूजर के इंटरेस्ट के अनुसार बनाने के तरीके को बारीकी से समझा। इसके बाद उन्होंने वन इंडिया हिंदी में नेशनल डेस्क पर काम किया। फिर दैनिक जागरण में बिहार-झारखंड की लोकल खबरों पर 1 साल 6 महीने तक काम किया है। इसके बाद नवभारत टाइम्स में पारी की शुरुआत की।

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले संजीव कुमार ने वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचेलर इन मीडिया साइंस में स्नातक किया। फिर आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी से मास्टर इन मीडिया बिजनेस मैनेजमेंट की भी डिग्री ली। इसके अलावा उन्होंने मीडिया से संबंधित कई ऑनलाइन कोर्स भी किए हैं।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट: गैरेज से चलते लॉ कॉलेजों की मान्यता चिंताजनक
अपराध

सुप्रीम कोर्ट: गैरेज से चलते लॉ कॉलेजों की मान्यता चिंताजनक

लाइव लॉ डेली: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी फैसले, अभिषेक पोरेल निरोध आदेश और अस्पताल स्थानांतरण याचिका पर अपडेट
अपराध

लाइव लॉ डेली: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी फैसले, अभिषेक पोरेल निरोध आदेश और अस्पताल स्थानांतरण याचिका पर अपडेट

अपने आप पर भरोसा करने का जादू! दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद से मिली बड़ी राहत
अपराध

अपने आप पर भरोसा करने का जादू! दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद से मिली बड़ी राहत

मध्य प्रदेश में बड़ा कदम, UCC का राज्य में लागू होगा, CM ने कहा, 'राम-रहीम-रॉबिन सबके लिए एक समान कानून'
अपराध

मध्य प्रदेश में बड़ा कदम, UCC का राज्य में लागू होगा, CM ने कहा, 'राम-रहीम-रॉबिन सबके लिए एक समान कानून'

UCC या समान नागरिक संहिता : क्यों नहीं मिलेगी अनुसूचित जनजाति को छूट?
अपराध

UCC या समान नागरिक संहिता : क्यों नहीं मिलेगी अनुसूचित जनजाति को छूट?

कुछ राज्यों ने विशेष एनआईए अदालतों की स्थापना को प्रभावी कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट
अपराध

कुछ राज्यों ने विशेष एनआईए अदालतों की स्थापना को प्रभावी कदम नहीं उठाए: सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली दंगा मामले में देवांगना कलिता को अविश्वसनीय दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति देने वाले उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी गई
अपराध

दिल्ली दंगा मामले में देवांगना कलिता को अविश्वसनीय दस्तावेजों का निरीक्षण करने की अनुमति देने वाले उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी गई

अदालत ने आरोपी की मानसिक जांच का दिया आदेश, जमानत देने से किया इनकार
अपराध

अदालत ने आरोपी की मानसिक जांच का दिया आदेश, जमानत देने से किया इनकार

ताज़ा ख़बरें