होमफैसलेहिमाचल प्रदेश में इंटरनेट मीडिया दुष्प्रचार पर कड़ा रुख, कानून के दायरे में लाने की तैयारी
फैसले

हिमाचल प्रदेश में इंटरनेट मीडिया दुष्प्रचार पर कड़ा रुख, कानून के दायरे में लाने की तैयारी

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंटरनेट मीडिया पर राज्य सरकार और मंत्रियों के खिलाफ कथित दुष्प्रचार पर कड़ा रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की गई।

30 जून 2026 को 03:25 pm बजे
हिमाचल प्रदेश में इंटरनेट मीडिया दुष्प्रचार पर कड़ा रुख, कानून के दायरे में लाने की तैयारी

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a43da76e387ddeb5a076511","slug":"himachal-govt-cracks-down-on-social-media-misinformation-plans-to-bring-it-under-legal-ambit-2026-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla: हिमाचल सरकार इंटरनेट मीडिया दुष्प्रचार पर सख्त, कानून के दायरे में लाने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Shimla: हिमाचल सरकार इंटरनेट मीडिया दुष्प्रचार पर सख्त, कानून के दायरे में लाने की तैयारी

Tue, 30 Jun 2026 08:32 PM IST

Krishan Singh

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

Published by: Krishan Singh

Updated Tue, 30 Jun 2026 08:32 PM IST

सार

बैठक में विषय रखा गया कि कुछ लोग एजेंडे के तहत इंटरनेट मीडिया मंचों पर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इन मंचों पर न तो कोई पंजीकरण है और न ही किसी का नियंत्रण है।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंटरनेट मीडिया पर राज्य सरकार और मंत्रियों के खिलाफ कथित दुष्प्रचार पर कड़ा रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को शिमला में हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस मुद्दे गंभीर चर्चा की गई। बैठक में कमेटी के दो अन्य सदस्य उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और राज्य लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक में ऐसे दुष्प्रचार को कानून के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन

इस बैठक में विषय रखा गया कि कुछ लोग एजेंडे के तहत इंटरनेट मीडिया मंचों पर सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इन मंचों पर न तो कोई पंजीकरण है और न ही किसी का नियंत्रण है। ये लोग सरकार की नीतियों या गतिविधियों के बारे में भ्रामक या गलत जानकारी फैला रहे हैं। उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री ने कहा कि प्रिंट मीडिया और उसके डिजिटल मंच कानूनी दायित्वों का पालन कर रहे हैं। पर इंटरनेट मीडिया पर कुछ एजेंडा आधारित गतिविधियां चल रही हैं।

विज्ञापन

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान है पर भ्रामक सामग्री पर नियंत्रण के लिए कानूनी प्रावधान जरूरी है। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि ऐसे तत्वों को कैसे कानून के दायरे में लाया जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और कानूनी प्रावधानों को भी ध्यान में रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस विषय पर एक खाका तैयार करने का निर्देश दिया है। अगले पंद्रह दिनों में इसके लिए नियम बनाए जाएंगे। मंत्रिमंडलीय उप समिति अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

विज्ञापन

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
BRICS सम्मेलन के मद्देनज़र दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद, ट्रायल कोर्ट्स को तीन दिन की छुट्टी
फैसले

BRICS सम्मेलन के मद्देनज़र दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद, ट्रायल कोर्ट्स को तीन दिन की छुट्टी

दुमका में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला जज ने पुलिस से की समन्वय बैठक
फैसले

दुमका में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला जज ने पुलिस से की समन्वय बैठक

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने का अंतिम आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज
फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने का अंतिम आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज
फैसले

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज

ताई निन्ह की जन अदालत ने 73% से अधिक दीवानी मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की
फैसले

ताई निन्ह की जन अदालत ने 73% से अधिक दीवानी मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की

कानूनी स्नातक ने नौकरी छोड़कर गृहनगर में शहद आड़ू के बाग से समृद्धि लायी
फैसले

कानूनी स्नातक ने नौकरी छोड़कर गृहनगर में शहद आड़ू के बाग से समृद्धि लायी

आदिवासी अधिकारों की अनदेखी: जस्टिस लोकुर ने वन‑और पंचायत अधिनियमों के गैर-प्रवर्तन को उजागर किया
फैसले

आदिवासी अधिकारों की अनदेखी: जस्टिस लोकुर ने वन‑और पंचायत अधिनियमों के गैर-प्रवर्तन को उजागर किया

ओडिशा जन कांग्रेस ने एमएमडीआर कानून के विरोध में चंडीखोल में बड़ा प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान
फैसले

ओडिशा जन कांग्रेस ने एमएमडीआर कानून के विरोध में चंडीखोल में बड़ा प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी का आह्वान

ताज़ा ख़बरें