होममुकदमेसुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 5 करोड़ जमा करने की शर्त पर दी अस्थायी राहत
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 5 करोड़ जमा करने की शर्त पर दी अस्थायी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने सात चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को टेम्पररी राहत दी, परंतु उन्हें बुधवार तक रजिस्ट्री में पाँच करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया गया है, जिससे सरेंडर से बचा जा सके। यदि राशि नहीं चुकाई गई तो जेल की सजा लागू होगी। सुनवाई 15 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराकर जुर्माना और जेल की सजा दी थी।

9 सितंबर 2026 को 01:05 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 5 करोड़ जमा करने की शर्त पर दी अस्थायी राहत

सौजन्य से:- Jagran

Rajpal Yadav के चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने रखी शर्त, जमा करने होंगे इतने करोड़; वरना जाएंगे जेल?

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जहां राजपाल यादव ...और पढ़ें

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को अस्थायी राहत दी

- अभिनेता को 5 करोड़ रुपये जमा करने होंगे

- दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। राजपाल यादव को चेक बाउंस के सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कुछ समय के लिए राहत मिली है। हालांकि, अदालत ने उन्हें एक समय सीमा दी है, जिसके अंतराल एक्टर को कोर्ट की रजिस्ट्री के 5 करोड़ रुपए जमा करने होंगे। क्या है राजपाल यादव के चेक बाउंस केस में नई अपडेट, नीचे पढ़ें पूरा मामला।

बुधवार तक राजपाल यादव को जमा करने होंगे 5 करोड़

लिव एंड लॉ की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर करने से 'भूत बंगला' एक्टर राजपाल यादव को टेम्प्रेरी राहत सिर्फ इस शर्त पर दी है कि बुधवार तक अभिनेता कोर्ट में 5 करोड़ रुपए जमा करेंगे। जस्टिस सूर्याकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया। उनके साथ इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। कोर्ट ने इस मामले में नोटिस भी जारी किया है, जिसकी सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा, "अगर याचिककर्ता बुधवार तक अदालत की रजिस्ट्री के 5 करोड़ रुपए जमा करवा देते हैं, तो उन्हें सरेंडर से छूट मिल जाएगी।"

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

प्रोड्यूसर-फाइनेंसर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेक बाउंस से जुड़े मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सात चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को दोषी करार दिया था और हर मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने सभी सात मामलों में एक साथ सजा काटने का आदेश भी दिया था।

इतना ही नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने ये आदेश भी दिए थे कि राजपाल यादव को हर शिकायकर्ता को मामले में 1.05 करोड़ देने होंगे। इसके अलावा राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव को भी हर शिकायतकर्ता को 5 लाख 51 हजार रुपए अलग से देने का आदेश दिया गया था।

क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस केस?

जिन्हें नहीं पता, उन्हें बात दें कि साल 2010 में फिल्म 'अता-पता लापता' बनाने के लिए राजपाल यादव ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड 5 करोड़ का लोन लिया था। जब 2012 में यह फिल्म रिलीज हुई तो बुरी तरह से फ्लॉप हो गई, जिससे राजपाल यादव को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचा। बढ़ते-बढ़ते ब्याज के साथ उनका ये कर्ज 9 करोड़ तक पहुंच गया। उन्होंने जितने भी चेक दिए थे वह बाउंस हो गए। मामला कोर्ट तक पहुंचा। साल 2026 में फरवरी को एक्टर ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →

ताज़ा ख़बरें