सेंट्रल मार्केट के अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में कल सेंट्रल मार्केट मामले में अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण पर सुनवाई होगी। अभी तक 130 भवनों में सेटबैक को खाली कराया जा सका है, लेकिन 210 से अधिक भवनों में काम भी चल रहा है। छोटे मकानों के स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

सौजन्य से:- Hindustan
Meerut News: सेंट्रल मार्केट : कल होगी सुप्रीम कोर्ट में सेटबैक के अवैध निर्माणों पर सुनवाई
Meerut News: सुप्रीम कोर्ट में सेंट्रल मार्केट मामले में अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण को लेकर कल सुनवाई होगी। शास्त्रीनगर के 815 भवनों में से केवल 130 में ही सेटबैक अवैध निर्माण हटाए गए हैं। परिषद ने रिपोर्ट दाखिल करने की तैयारी की है, हालाँकि छोटे मकानों का स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
Meerut News: सेंट्रल मार्केट मामले में सेटबैक पर किए अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल (मंगलवार) को सुनवाई होगी। शास्त्रीनगर के 815 भवनों में अभी तक करीब 130 में ही सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण हटाकर खाली किया जा सका है और 210 से ज्यादा भवनों में सेटबैक खाली करने का काम चल रहा है। 450 से ज्यादा भवनों में अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सका है। कोर्ट में होने वाली सुनवाई के लिए आवास एवं विकास परिषद ने अपनी तैयारी कर ली है। खाली किए सेटबैक और चल रही कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, छोटे मकानों के लिए कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने गत 9 अप्रैल को उन सभी भवनों के सेटबैक खाली कराने के आदेश दिए थे जिन भवनों में सेटबैक कब्जाकर अवैध निर्माण किए गए हैं। इसके लिए कोर्ट ने भवन स्वामियों को स्वयं सेटबैक खाली करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इसके बाद परिषद को अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण कर सेटबैक खाली करने को कहा था लेकिन परिषद ने आदेश का अनुपालन कराने के लिए तीन दिन ही आंशिक रूप से बुलडोजर कार्रवाई की थी और भवन स्वामियों को 2 से 7 दिन का समय सेटबैक खाली करने का दिया था। वहीं, सेक्टर 2, 3 और 4 में छोटे भवनों को बचाने के लिए महिलाओं ने धरना दिया हुआ है। कमजोर मकान होने की शिकायत मिलने पर परिषद ने कानपुर की हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी से इन भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया था ताकि पता लग सके इन छोटे भवनों में कब्जाए गए सेटबैक को खाली कराने के लिए अवैध निर्माण पर हथौड़ा चलाया जा सकता है या नहीं लेकिन परिषद अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
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