झामुमो के नेतृत्व में एमएमडीआर संशोधन विरोधी धरना-रैली
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने प्रखंड कार्यालय के सामने एमएमडीआर (खनिज विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम के विरुद्ध एक दिवसीय धरना‑रैली आयोजित की। झामुमो नेता ताहिर अंसारी ने मुख्य भाषण देते हुए इस बिल को राज्य के खनिज संसाधनों और विभिन्न कल्याण योजनाओं के लिए हानिकारक बताया और केंद्र सरकार व भाजपा पर तीखा प्रहार किया। कार्यकर्ता रैली को प्रखंड कार्यालय तक ले गए और आगे राज्य‑स्तर तथा राष्ट्रीय स्तर पर विरोध जारी रखने का इरादा व्यक्त किया।

सौजन्य से:- Hindustan
खनिज संशोधन कानून के खिलाफ किया प्रदर्शन
फोटो डंडई एक: एमएमडीआर एक्ट के विरोध में झामुमो की निकली रैली में शामिल लोग
डंडई, प्रतिनिधि। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर) के विरोध में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो नेता ताहिर अंसारी शामिल हुए। धरना में प्रखंड के महिला-पुरुषों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धरना से पहले कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। रैली आंबेडकर चौक से शुरू होकर प्रखंड कार्यालय पहुंची। उस दौरान कार्यकर्ताओं ने एमएमडीआर संशोधन के विरोध में नारेबाजी की। प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद रैली धरना में तब्दील हो गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो नेताओं ने एमएमडीआर संशोधन के खिलाफ केंद्र सरकार पर निशाना साधा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि संशोधन से झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी आंदोलन को आगे भी जारी रखेगी。
ताहिर अंसारी का संबोधन
मुख्य अतिथि ताहिर अंसारी ने अपने संबोधन से पहले दिवंगत मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू को नमन किया। उसके बाद उन्होंने एमएमडीआर संशोधन को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस कानून के खिलाफ झारखंडियों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। ताहिर ने कहा कि एमएमडीआर जैसे काला कानून के खिलाफ लड़ाई में झारखंड के लोगों को जिस तरह का संघर्ष करना पड़े, वे इसके लिए तैयार हैं । एम एमडीआर बिल खासकर झारखंड जैसे गरीब गुरबा राज्य को कंगाल करने वाला बिल है। इस बिल से खासकर मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना, वृद्धा, विधवा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली सहित दर्जनों योजनाएं प्रभावित होगी। इस काला बिल के लिए ताहिर ने भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही और पलामू के सांसद बीडी राम को भी कोसा और कहा कि अनर्गल जब बातें करनी हो तो दोनों नेता एक पैर पर खड़े हो जाते हैं। जब झारखंडियों की हित की बात करनी हो तो चुप रहते हैं। साथ ही कहा की एमएमडीआर बिल के खिलाफ लड़ाई प्रखंड कार्यालय से शुरू हुई है। अगर केंद्र सरकार की नींद नहीं खुली तो हम लोग राज्य स्तर पर आंदोलन करेंगे। वहां से भी अगर नहीं मानेंगे तो दिल्ली के जंतर मंतर मैदान में धरना प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी अगर यह बिल वापस नहीं हुआ तो झारखंड की खनिज संपदा को बाहर नहीं जाने देंगे। कार्यक्रम को झामुमो प्रखंड अध्यक्ष तेज बहादुर सिंह, नीलकंठ सिंह, महेश्वर राम, कन्हाई यादव, लाल पासवान, कृष्णकांत सिंह सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
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