चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों का लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के विरोध में बड़ा प्रदर्शन
चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के खिलाफ बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है, जो उनकी आय और रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर रहा है। वकीलों का कहना है कि यह सिस्टम स्वतंत्र प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के कामकाज पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। उन्होंने लीगल सर्विस अथारिटी से इस सिस्टम की समीक्षा करने की मांग की है।

सौजन्य से:- Jagran
LADC सिस्टम के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों का मोर्चा, बुधवार से भूख हड़ताल शुरू
चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) सिस्टम के विरोध में बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ...और पढ़ें
HighLights
- चंडीगढ़ वकीलों ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के खिलाफ भूख हड़ताल की।
- यह सिस्टम स्वतंत्र प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की आय प्रभावित कर रहा है।
- बार एसोसिएशन ने जजों से प्रतिकूल आदेश न देने का अनुरोध किया।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) सिस्टम के विरोध में चंडीगढ़ जिला अदालत के वकीलों ने बुधवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। पंजाब में संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया। पहले दिन कई पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठे।
भूख हड़ताल में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक चौहान, उपाध्यक्ष संदीप गुज्जर, सचिव अमीश शर्मा, कोषाध्यक्ष उज्जवल भसीन सहित मुकेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, एएस गुजराल, आरएल मौर्य और नरेश कुमार शामिल हुए।
बार एसोसिएशन ने जजों से अनुरोध किया है कि आंदोलन में शामिल वकीलों की अनुपस्थिति के दौरान उनके मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित न किया जाए। वकीलों का कहना है कि यह सिस्टम लागू होने से स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उनका आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में ऐसे मामले, जिनमें पहले निजी वकीलों को नियुक्त किया जाता था, अब एलएडीसी के माध्यम से निपटाए जा रहे हैं। इससे युवा और मध्यम वर्ग के वकीलों की आय और रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने लीगल सर्विस अथारिटी से इस सिस्टम की समीक्षा करने की मांग की है।
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