झामुमो ने नए खान-खनिज कानून के विरोध में आंदोलन का फूंका बिगुल, केंद्र को दी चेतावनी- आर्थिक नाकेबंदी के लिए मजबूर ना करें
झामुमो ने नए खान-खनिज कानून के विरोध में आंदोलन का फूंका बिगुल, केंद्र को दी चेतावनी- आर्थिक नाकेबंदी के लिए मजबूर ना करें MMDR कानून के खिलाफ झामुमो ने चरणबद्ध आंदोलन का शेड्यूल जारी कर दिया है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट…

सौजन्य से:- ETV Bharat
झामुमो ने नए खान-खनिज कानून के विरोध में आंदोलन का फूंका बिगुल, केंद्र को दी चेतावनी- आर्थिक नाकेबंदी के लिए मजबूर ना करें
MMDR कानून के खिलाफ झामुमो ने चरणबद्ध आंदोलन का शेड्यूल जारी कर दिया है. उपेंद्र कुमार की रिपोर्ट.
Published : August 23, 2026 at 8:46 PM IST
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के नए संशोधित खान एवं खनिज विकास और विनियम कानून के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है. पार्टी के केंद्रीय महासचिव ने आज कार्यालय आदेश जारी कर राज्यभर की इकाइयों को आंदोलन के पहले चरण की पूरी रूपरेखा बता दी है.
केंद्रीय समिति के फैसले के आलोक में जारी हुआ कार्यालय आदेश
20 अगस्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में पार्टी के केंद्रीय महासचिव ने कार्यालय आदेश निकालकर नए एमएमडीआर कानून के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन के पहले चरण के कार्यक्रमों की जानकारी अपने सभी जिला स्तरीय इकाइयों को दे दी है.
31 अगस्त तक बूथ स्तर तक चलेगा जनजागरण अभियान
राज्यभर के सभी जिला अध्यक्ष, जिला सचिव, जिला संयोजक प्रमुख, महानगर अध्यक्ष, सचिव और संयोजकों के नाम जारी इस कार्यालय आदेश में कहा गया है कि नए खान खनिज विकास और विनियम कानून के खिलाफ आंदोलन के पहले चरण में 31 अगस्त तक राज्य के सभी 24 जिलों में बूथ स्तर तक जनजागरण अभियान चलाया जाए. आम जनों को इस काले कानून से होने वाले नुकसान से अवगत कराने की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है.
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
7 सितंबर को राज्यभर के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर झामुमो का एक दिवसीय धरना होगा. यह आंदोलन का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा. झामुमो के केंद्रीय महासचिव (संगठन) विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड के हक पर केंद्र की कथित साजिश के खिलाफ जेएमएम निर्णायक लड़ाई लड़ेगा. आज जो कार्यक्रम जारी किया गया है, वह आंदोलन का पहला चरण होगा.
यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, अस्मिता का सवाल भी- सुप्रियो भट्टाचार्या
बात सिर्फ झारखंड के आर्थिक नुकसान की नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता की भी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा केंद्र सरकार के नए संशोधित खान एवं खनिज विकास और विनियमन कानून 2026 के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन के पहले चरण के कार्यक्रम की घोषणा के बाद केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि हम देश का 42 प्रतिशत खनिज उत्पादित करते हैं. बिना हमसे विचार-विमर्श किए केंद्र सरकार ने ऐसा कानून कैसे बना दिया, यह बड़ा सवाल है.
केंद्र पर बकाया राशि हड़पने की कथित साजिश का आरोप
झामुमो नेता ने इसे केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश बताते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हमारा आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा. अगर तब तक केंद्र सरकार ने एमएमडीआर कानून को वापस नहीं लिया तो झामुमो राज्य की आर्थिक नाकेबंदी तक आंदोलन को ले जाएगा.
धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी
राज्य में राष्ट्रपति शासन या अन्य किसी तरह की बातें आनी शुरू हुई हैं. इसका हवाला देते हुए सुप्रियो भट्टाचार्या ने साफ कहा कि हमें धमकाने की कोई कोशिश भाजपा या उससे जुड़े नेता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न करें. क्योंकि हम आंदोलन की ही पार्टी हैं.
20 अगस्त की बैठक में बनी थी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति
जेएमएम केंद्रीय समिति की 20 अगस्त 2026 को रांची के हरमू स्थित सोहराय भवन में हुई विस्तारित बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनी थी. उसी फैसले के अनुसार राज्य के सभी 24 जिलों में 31 अगस्त 2026 तक बूथ स्तर तक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा. अभियान के माध्यम से आम लोगों को प्रस्तावित कानून के संभावित प्रभावों से अवगत कराने की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं को दी गई है.
जिला और महानगर पदाधिकारियों को दिए गए निर्देश
आंदोलन के अगले चरण में 7 सितंबर 2026, सोमवार को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना दिया जाएगा. पार्टी ने जिला और महानगर स्तर के पदाधिकारियों को दोनों कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए रणनीति तैयार कर कार्यक्रमों को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है.
आगे के कार्यक्रमों की सूचना जल्द जारी होगी
कार्यालय आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि आगे के कार्यक्रमों की सूचना अगले कार्यालय आदेश के माध्यम से जल्द दी जाएगी. केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को इन कार्यक्रमों की सूचना अपने स्तर से देने और उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
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