पारू थानेदार के वेतन पर रोक: मोबाइल न लौटाने पर अदालत ने दिया कड़ा आदेश
हत्याकांड में जब्त मोबाइल को अदालत में पेश न करने के कारण विशेष एससी‑एसटी न्यायाधीश ने थानेदार के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया। जिला अधिकारी को आदेश भेजकर वेतन रोक और विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया, और संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेजी गई।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
कोर्ट का बड़ा एक्शन: आरोपित का जब्त मोबाइल न लौटाने पर पारू थानेदार के वेतन पर रोक का आदेश
कोर्ट का बड़ा एक्शन: आरोपित का जब्त मोबाइल न लौटाने पर पारू थानेदार के वेतन पर रोक का आदेश
पारू थानेदार का वेतन रुका. हत्या मामले में आरोपित का मोबाइल जब्त करने और कोर्ट में पेश न करने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया. वेतन भुगतान पर तत्काल रोक.
मुजफ्फरपुर पारू वेतन: अदालत के आदेश की अवहेलना करना पारू थाना प्रभारी को भारी पड़ गया है. हत्या के एक मामले में आरोपित का जब्त मोबाइल फोन वापस न करने और उसे कोर्ट में प्रस्तुत न करने पर विशेष एससी-एसटी अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है. विशेष न्यायाधीश अजय कुमार मल्ल की अदालत ने पारू थानेदार का वेतन भुगतान तत्काल प्रभाव से रोकने का सख्त आदेश जारी किया है.
अदालती आदेश की लगातार अनदेखी
अदालत ने जिला पदाधिकारी (डीएम) को औपचारिक पत्र भेजकर थानेदार का वेतन रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जब तक जब्त मोबाइल अदालत में प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक वेतन भुगतान पर रोक जारी रहेगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
मामले में अदालती आदेशों की अनदेखी का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:
- 22 मार्च 2025: अदालत ने आरोपित का जब्त मोबाइल मुक्त करने का पहला आदेश दिया था.
- 1 अगस्त 2025: आदेश का अनुपालन न होने पर अदालत ने दोबारा मोबाइल प्रस्तुत करने का निर्देश भेजा.
- लगातार लापरवाही: बार-बार निर्देश के बावजूद थानेदार ने न तो मोबाइल कोर्ट में पेश किया और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया.
वरीय पुलिस अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति
विशेष न्यायाधीश ने इस आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी के साथ-साथ पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है. पुलिस महकमे में न्यायिक आदेश की अवहेलना पर इस सख्त रुख से हड़कंप मचा हुआ है.
बच्चे की हत्या से जुड़ा है मूल मामला
यह पूरा मामला पारू थाना क्षेत्र के चैनपुर चिउटाहां गांव से जुड़ा हुआ है. गांव के निवासी उमेश दास ने 24 अप्रैल 2022 को पारू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने अपने सात वर्षीय भतीजे की हत्या का गंभीर आरोप लगाया था. इसी हत्याकांड के अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपित का मोबाइल फोन जब्त किया था.
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