जमुई घटना पर ललन सिंह का दावा: बिहार की कानून व्यवस्था पूरी तरह ठीक
ललन सिंह ने जमुई में किशोर‑लड़की के साथ alleged उत्पीड़न मामले पर कहा कि बिहार में कानून‑व्यवस्था अब पूरी तरह दुरुस्त है और महिलाएँ कभी भी घर से बाहर जा सकती हैं। उन्होंने यह कहा कि किसी एक घटना से समग्र सुरक्षा का आकलन नहीं किया जा सकता और पुलिस ने उचित कार्रवाई की, जबकि विपक्षी नेताओं ने इस बात को सवालिया बनाया है।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
क्या एक घटना से आंकी जा सकती है बिहार की कानून व्यवस्था, जमुई कांड पर ललन सिंह का विपक्ष पर पलटवार
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह
जमुई में किशोरों से छेड़छाड़ पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का बड़ा बयान. जानिए, बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर क्या कहा और विपक्ष पर कैसे साधा निशाना.
कोलकाता से शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने बिहार के जमुई जिले में एक किशोर और एक लड़की के साथ ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर किये गये उत्पीड़न की घटना के संदर्भ में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है और महिलाएं किसी भी समय घर से बाहर निकल सकती हैं. बिहार में सत्तारूढ़ जदयू के नेता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था का आकलन किसी एक घटना के आधार पर नहीं हो सकता.
जमुई घटना में अब तक तीन की गिरफ्तारी
जमुई जिले में पुलिस ने सोमवार को सड़क किनारे एक लड़के और लड़की के साथ कथित उत्पीड़न के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश कर रही है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद व्यापक आक्रोश देखने को मिला. हालांकि प्रभात खबर इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता.
बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त
कोलकाता के पास न्यू टाउन में एक समीक्षा बैठक से इतर केंद्रीय पंचायती राज और मत्स्य पालन मंत्री सिंह ने कहा, ‘बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है. अगर कोई घटना होती है, तो पुलिस उस पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करती है.’ उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी जैसे लोगों को अपने सहयोगी राजद से इस बारे में पूछ लेना चाहिए.’
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ललन सिंह ने राजद राज की दिलायी याद
राजीव रंजन ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 15 वर्ष के शासन के दौरान सूर्यास्त के बाद कोई महिला बाहर निकलने की हिम्मत नहीं करती थी. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस घटना को ‘बेहद परेशान करने वाला’ बताया था. राहुल गांधी ने कहा था, ‘यह संस्कृति नहीं, पितृसत्ता है.’
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