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सुप्रीम कोर्ट में निवासी इलाकों के 62,500 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सुनवाई आज

भोपाल के आवासीय इलाकों में व्यापार पर विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी, जहाँ 62,500 प्रतिष्ठानों के खिलाफ निर्णय लिया जा सकता है। पूर्व में 15 सितंबर को सुनवाई रद्द हो चुकी थी। नगर निगम ने अगस्त में नोटिस जारी किए, जिनमें 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया और 190 को बंद किया गया, जबकि व्यापारी सड़क पर उतरने पर कार्रवाई रोक दी गई।

22 सितंबर 2026 को 01:04 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में निवासी इलाकों के 62,500 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सुनवाई आज

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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रहवासी इलाकों में कारोबार-सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज:एक बार कैंसिल हो चुकी; 62,500 प्रतिष्ठानों को लेकर फैसला संभव

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भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसमें कुल 62 हजार 500 प्रतिष्ठानों को लेकर फैसला दिया जा सकता है। इससे पहले 15 सितंबर को सुनवाई कैंसिल हो चुकी है।

दोपहर में सुनवाई होगी। इसे लेकर रहवासी और नगर निगम दोनों ही सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। बता दें कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने पूरे शहर में ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए थे, जो आवासीय क्षेत्र में चल रहे थे।

करीब 15 दिन तक नोटिस देने का दौर चला। इस दौरान लिस्टेड 62 हजार 500 में से 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए थे। फिर 3 दिन तक 190 प्रतिष्ठान बंद किए थे।

व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोकी निगम की सीलिंग और नोटिस देने के विरोध में जब व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोक दी गई थी। पिछले 22 दिन से कार्रवाई नहीं हुई।

दूसरी ओर, रहवासी निगम के जिम्मेदारों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति की है।

हमने सुप्रीम कोर्ट में अपने दस्तावेज पेश किए हैं। जिसमें बताया गया कि निगम ने झूठी कार्रवाई की। जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया, वे फिर से खुल गए।

दिनभर रिपोर्ट तैयार कराने में लगे रहे अफसर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले सोमवार को नगर निगम के अधिकारी रिपोर्ट तैयार करने में जुटे रहे। दूसरी ओर, रहवासी भी अपना पक्ष रखने के लिए दस्तावेज करने करने में जुटे।

रहवासियों का कहना है कि निगम ने जिन प्रतिष्ठानों को सील किया था, उनमें से कई खुल गए हैं। वीडियो और फोटो के जरिए कार्रवाई की हकीकत बताई जाएगी।

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