सुप्रीम कोर्ट ने CGPSC भर्ती घोटाले में पूर्व सचिव की जमानत याचिका पर CBI को 3‑सप्ताह में जवाब देने का नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई की और सीबीआई को भर्ती अनियमितताओं के मामले में तीन सप्ताह में उत्तर देने का निर्देश दिया। ध्रुव ने हाईकोर्ट के जमानत इन्कार के आदेश को चुनौती दी, जबकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह बाद पुनः उत्तर दाखिल करने की अनुमति दी और चार सप्ताह बाद मुख्य सुनवाई तय की।

सौजन्य से:- Jagran
CGPSC भर्ती घोटाला मामला, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सचिव की जमानत याचिका पर CBI से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव की जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएससी सचिव की जमानत याचिका पर सुनवाई की।
- सीबीआई से भर्ती अनियमितताओं मामले में तीन सप्ताह में जवाब मांगा।
- जीवन किशोर ध्रुव ने हाईकोर्ट के जमानत इनकार को चुनौती दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव द्वारा दायर जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है। यह याचिका 2020-2022 के दौरान भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं से संबंधित मामले में दायर की गई है।
जस्टिस विक्रम नाथ, आगस्टिन जार्ज मसीह और संदीप मेहता की पीठ सोमवार को उस याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसे जीवन किशोर ध्रुव ने दायर किया था। ध्रुव ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पांच अगस्त के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसे इस मामले में जमानत देने से इन्कार किया गया था।
सीबीआई ने ध्रुव को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया था, जब वह छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीएससी) के सचिव के रूप में कार्यरत थे।
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका सुनने पर सहमति जताई और सीबीआई को तीन सप्ताह में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता एक सप्ताह बाद पुनः उत्तर दाखिल कर सकता है और मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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