ब्राज़ील के सर्वोच्च न्यायालय में तनाव बढ़ा, दो लगातार सत्र रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने लगातार दूसरे दिन सुनवाई रद्द कर दी, जिससे न्यायिक संस्थान में मौजूदा झंझट और गहरा हुआ। जज अलेक्ज़ेंड्रे डी मोरेस और आंद्रे मेंडोंका के बीच बैंक मास्टर मामले और फेडरल पुलिस से जुड़ी टकराव ने राजनीतिक अस्थिरता को और तीव्र कर दिया, जो अक्टूबर के चुनावों से पहले देश को प्रभावित कर रहा है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट में गहराया संकट: लगातार दूसरी बैठक रद्द, जजों पर भ्रष्टाचार के मामले में बढ़ा विवाद
Fri, 11 Sep 2026 09:10 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, ब्रासीलिया
वर्ल्ड डेस्क, ब्रासीलिया
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 11 Sep 2026 09:10 AM IST
सार
ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने लगातार दूसरे दिन बैठक रद्द कर दी। कोर्ट में जज अलेक्जेंड्रे डी मोरेस और आंद्रे मेंडोंका के बीच विवाद गहरा गया है। बैंक मास्टर मामले और फेडरल पुलिस को लेकर टकराव से अक्टूबर चुनाव से पहले देश का राजनीतिक संकट और बढ़ गया है।
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विस्तार
ब्राजील के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन की सुनवाई रद्द कर दी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब देश में राजनीतिक और संस्थागत संकट गहराता जा रहा है। कोर्ट के कई सदस्यों पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक पक्षपात और पुलिस के काम में दखल देने के आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस विवाद का असर अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों पर भी पड़ रहा है।
चीफ जस्टिस लुइज एडसन फाचिन ने गुरुवार की बैठक टालते हुए मंगलवार को अगली बैठक तय की है, जबकि आमतौर पर मंगलवार को कोर्ट की ऐसी बैठक नहीं होती। मंगलवार को सभी 10 जजों की बेंच इस बात पर फैसला करेगी कि क्या उनके ही एक साथी जज अलेक्जेंड्रे डी मोरेस के खिलाफ जांच होनी चाहिए। मोरेस पर धोखाधड़ी के आरोपों के बाद बंद हो चुके 'बैंको मास्टर' के मालिक के साथ कथित संबंधों का आरोप है।
जजों के बीच बढ़ा विवाद
सुप्रीम कोर्ट में यह विवाद 1 सितंबर को तब बढ़ा, जब पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के कार्यकाल में नियुक्त हुए जज आंद्रे मेंडोंका ने फेडरल पुलिस के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए। इन दस्तावेजों के मुताबिक, बैंक मालिक डेनियल वोर्कारो ने कानूनी सलाह के लिए कई बार जज मोरेस से संपर्क किया था। इसके बाद से ही मोरेस और मेंडोंका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
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एक-दूसरे पर जांच की मांग
मोरेस को उस समय मौजूदा राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा के समर्थकों ने बहुत सराहा था, जब उन्होंने पिछले साल तख्तापलट की साजिश रचने के जुर्म में पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को 27 साल की जेल की सजा सुनाई थी। दूसरी तरफ, मेंडोंका सुप्रीम कोर्ट का जज बनने से पहले बोल्सोनारो की सरकार में सॉलिसिटर-जनरल रह चुके हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में डी मोरेस ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने मेंडोंका के खिलाफ कथित तौर पर अधिकारों के दुरुपयोग की जांच की मांग की। मामला बैंकर से हुई एक बातचीत से जुड़ा है, जिसमें पुलिस या अभियोजकों की मौजूदगी नहीं थी।
ये भी पढ़ें: चार्ली किर्क की पहली बरसी: यूएस में राष्ट्रपति के करीबी को श्रद्धांजलि, ट्रंप क्या बोले? 2025 में हुई थी हत्या
संघीय पुलिस भी विवाद में
इस कानूनी जंग ने ब्राजील की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा और आगामी चुनाव में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी यानी पूर्व राष्ट्रपति के बेटे सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो, दोनों अपने-अपने राजनीतिक नफे-नुकसान को देखते हुए जजों के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं। ब्राजील की संघीय पुलिस का नेतृत्व भी इस विवाद की चपेट में आ गया है। इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों के चलते संघीय पुलिस के महानिदेशक को पहले पद से हटाया गया और फिर दोबारा बहाल कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है।
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चीफ जस्टिस लुइज एडसन फाचिन ने गुरुवार की बैठक टालते हुए मंगलवार को अगली बैठक तय की है, जबकि आमतौर पर मंगलवार को कोर्ट की ऐसी बैठक नहीं होती। मंगलवार को सभी 10 जजों की बेंच इस बात पर फैसला करेगी कि क्या उनके ही एक साथी जज अलेक्जेंड्रे डी मोरेस के खिलाफ जांच होनी चाहिए। मोरेस पर धोखाधड़ी के आरोपों के बाद बंद हो चुके 'बैंको मास्टर' के मालिक के साथ कथित संबंधों का आरोप है।
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जजों के बीच बढ़ा विवाद
सुप्रीम कोर्ट में यह विवाद 1 सितंबर को तब बढ़ा, जब पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के कार्यकाल में नियुक्त हुए जज आंद्रे मेंडोंका ने फेडरल पुलिस के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए। इन दस्तावेजों के मुताबिक, बैंक मालिक डेनियल वोर्कारो ने कानूनी सलाह के लिए कई बार जज मोरेस से संपर्क किया था। इसके बाद से ही मोरेस और मेंडोंका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।
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एक-दूसरे पर जांच की मांग
मोरेस को उस समय मौजूदा राष्ट्रपति लुला डा सिल्वा के समर्थकों ने बहुत सराहा था, जब उन्होंने पिछले साल तख्तापलट की साजिश रचने के जुर्म में पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को 27 साल की जेल की सजा सुनाई थी। दूसरी तरफ, मेंडोंका सुप्रीम कोर्ट का जज बनने से पहले बोल्सोनारो की सरकार में सॉलिसिटर-जनरल रह चुके हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में डी मोरेस ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने मेंडोंका के खिलाफ कथित तौर पर अधिकारों के दुरुपयोग की जांच की मांग की। मामला बैंकर से हुई एक बातचीत से जुड़ा है, जिसमें पुलिस या अभियोजकों की मौजूदगी नहीं थी।
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संघीय पुलिस भी विवाद में
इस कानूनी जंग ने ब्राजील की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा और आगामी चुनाव में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी यानी पूर्व राष्ट्रपति के बेटे सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो, दोनों अपने-अपने राजनीतिक नफे-नुकसान को देखते हुए जजों के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं। ब्राजील की संघीय पुलिस का नेतृत्व भी इस विवाद की चपेट में आ गया है। इस सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों के चलते संघीय पुलिस के महानिदेशक को पहले पद से हटाया गया और फिर दोबारा बहाल कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच चल रहे विवाद को और गहरा कर दिया है।
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