होम›मुकदमे›सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी: मध्य प्रदेश के मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान, राजनीति में गलत परंपरा की शुरुआत
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी: मध्य प्रदेश के मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान, राजनीति में गलत परंपरा की शुरुआत

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी को भी कोर्ट पर टिप्पणी करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।

13 जून 2026 को 02:38 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी: मध्य प्रदेश के मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान, राजनीति में गलत परंपरा की शुरुआत

सौजन्य से:- ETV Bharat

सुप्रीम कोर्ट पर नेताओं की टिप्पणी आपत्तिजनक, मंत्री राकेश सिंह बोले-ऐसे लोगों के खिलाफ कोर्ट ले संज्ञान

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना गलत परंपरा की शुरुआत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 13, 2026 at 5:40 PM IST

जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए. राजनीति में किसी को भी इस बात की इजाजत नहीं होनी चाहिए कि वह कोर्ट पर टिप्पणी कर सके. मीनाक्षी नटराजन के मामले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और खुलकर बयान भी दिए हैं. मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि यह गलत परंपरा की शुरुआत है.

मीनाक्षी नटराजन के मामले में सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बयान दिया है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को रद्द करने के मामले में जब हम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो सुप्रीम कोर्ट की जो भूमिका है वह सही नहीं थी.

मंंत्री राकेश सिंह का कहना है, "भारतीय राजनीति में सामान्य तौर पर अब तक कोर्ट को लेकर इस तरह की टिप्पणियां नहीं होती थीं. सभी लोग कोर्ट का सम्मान करते थे लेकिन ऐसा पहली बार हुआ की सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर राजनीतिक नेताओं द्वारा टिप्पणी की जा रही हैं."

सुप्रीम कोर्ट से की संज्ञान लेने की अपील

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है, "यह राजनीति में गलत परंपरा की शुरुआत हुई है. कोर्ट का सम्मान हर हाल में सभी को करना चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले में कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए और कोर्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर संबंधित नेताओं और लोगों से जवाब मांगना चाहिए."

- RS Nomination Rejection: मीनाक्षी नटराजन को 'सुप्रीम' झटका, SC ने कहा- नहीं कर सकते हस्तक्षेप

- नटराजन का रास्ता रोकने किस कांग्रेसी नेता ने बिछाए थे मोहरे?, बीजेपी बोली पता लगाएं मीनाक्षी...

- मीनाक्षी नटराजन मामले में राष्ट्रपति से मिलेगी कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट जाना भी तय : जीतू पटवारी

कांग्रेस पार्टी के कामकाज पर उठाए सवाल

मंत्री राकेश सिंह का कहना है, "मीनाक्षी नटराजन के मामले में कांग्रेस पार्टी के कामकाज पर सवाल खड़े हो रहै हैं क्योंकि उनकी तैयारी नहीं थी. पार्टी का नेतृत्व सही ढंग से निर्णय नहीं ले पाया, इसलिए अपनी हार को उन्हें स्वीकार करना चाहिए और खुद मंथन करना चाहिए ना कि दूसरों के ऊपर आरोप लगाने चाहिए."

राजनीतिक गलियारों में तो इस बात की भी चर्चा है कि यदि मीनाक्षी नटराजन पर्चा भर भी लेंती और चुनाव भी हो जाता तो भी मीनाक्षी नटराजन चुनाव हार जाती, क्योंकि कांग्रेसी विधायक बड़े पैमाने पर चुनाव प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होते.

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?
मुकदमे

ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत
मुकदमे

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल
मुकदमे

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं
मुकदमे

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी
मुकदमे

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना
मुकदमे

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
मुकदमे

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न

ताज़ा ख़बरें