सुप्रीम कोर्ट पर नेताओं की टिप्पणी आपत्तिजनक, मंत्री राकेश सिंह बोले-ऐसे लोगों के खिलाफ कोर्ट ले संज्ञान
सुप्रीम कोर्ट पर नेताओं की टिप्पणी आपत्तिजनक, मंत्री राकेश सिंह बोले-ऐसे लोगों के खिलाफ कोर्ट ले संज्ञान मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना गलत परंपरा की श…

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट पर नेताओं की टिप्पणी आपत्तिजनक, मंत्री राकेश सिंह बोले-ऐसे लोगों के खिलाफ कोर्ट ले संज्ञान
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करना गलत परंपरा की शुरुआत.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 13, 2026 at 5:40 PM IST
जबलपुर: मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए. राजनीति में किसी को भी इस बात की इजाजत नहीं होनी चाहिए कि वह कोर्ट पर टिप्पणी कर सके. मीनाक्षी नटराजन के मामले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और खुलकर बयान भी दिए हैं. मंत्री राकेश सिंह का कहना है कि यह गलत परंपरा की शुरुआत है.
मीनाक्षी नटराजन के मामले में सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक बयान दिया है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को रद्द करने के मामले में जब हम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो सुप्रीम कोर्ट की जो भूमिका है वह सही नहीं थी.
मंंत्री राकेश सिंह का कहना है, "भारतीय राजनीति में सामान्य तौर पर अब तक कोर्ट को लेकर इस तरह की टिप्पणियां नहीं होती थीं. सभी लोग कोर्ट का सम्मान करते थे लेकिन ऐसा पहली बार हुआ की सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर राजनीतिक नेताओं द्वारा टिप्पणी की जा रही हैं."
सुप्रीम कोर्ट से की संज्ञान लेने की अपील
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का कहना है, "यह राजनीति में गलत परंपरा की शुरुआत हुई है. कोर्ट का सम्मान हर हाल में सभी को करना चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले में कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए और कोर्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर संबंधित नेताओं और लोगों से जवाब मांगना चाहिए."
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कांग्रेस पार्टी के कामकाज पर उठाए सवाल
मंत्री राकेश सिंह का कहना है, "मीनाक्षी नटराजन के मामले में कांग्रेस पार्टी के कामकाज पर सवाल खड़े हो रहै हैं क्योंकि उनकी तैयारी नहीं थी. पार्टी का नेतृत्व सही ढंग से निर्णय नहीं ले पाया, इसलिए अपनी हार को उन्हें स्वीकार करना चाहिए और खुद मंथन करना चाहिए ना कि दूसरों के ऊपर आरोप लगाने चाहिए."
राजनीतिक गलियारों में तो इस बात की भी चर्चा है कि यदि मीनाक्षी नटराजन पर्चा भर भी लेंती और चुनाव भी हो जाता तो भी मीनाक्षी नटराजन चुनाव हार जाती, क्योंकि कांग्रेसी विधायक बड़े पैमाने पर चुनाव प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होते.
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