रिव्यू याचिका की तैयारी में अधिवक्ता संघ, नैनीताल हाईकोर्ट शिफ्टिंग को हाईकोर्ट प्रशासनिक आदेश से वापस लेने की मांग
उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू याचिका दायर करने का फैसला किया है। अधिवक्ता संघ के मुताबिक, हाईकोर्ट प्रशासनिक आदेश से शिफ्ट नहीं हो सकता है।

सौजन्य से:- ETV Bharat
उत्तराखंड हाईकोर्ट शिफ्टिंग मामला, अधिवक्ता संघ सुप्रीम कोर्ट में दायर करेगा 'रिव्यू याचिका'
उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी किया जाना है शिफ्ट, राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने बुलाई बैठक, सुप्रीम कोर्ट में 'रिव्यू याचिका' करेगा दायर
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 22, 2026 at 10:46 PM IST
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ ने एक अहम बैठक बुलाई. जिसमें तय हुआ कि अधिवक्ता संघ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 'रिव्यू याचिका' दायर करेगा. राज्य आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व राज्य आंदोलन से जुड़े मुद्दों की लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे रमन शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे.
आंदोलनकारी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रमन शाह ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रपति के हस्ताक्षरों से जारी 'उत्तराखंड राज्य पुनर्गठन विधेयक' में उत्तराखंड हाईकोर्ट का स्थान नैनीताल शहर है, जो अब विधेयक में संशोधन के बाद ही नैनीताल से अन्यत्र स्थानांतरित हो सकता है. उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें हाईकोर्ट हल्द्वानी या अन्य जगह शिफ्ट होने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन शिफ्टिंग की कार्यवाही नियमानुसार हो. साथ ही कहा कि हाईकोर्ट प्रशासनिक आदेश से शिफ्ट नहीं हो सकता.
वहीं, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एमसी पंत ने कहा कि पर्वतीय राज्य की मूल अवधारणा को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट नैनीताल में स्थापित हुई थी, लेकिन अब राज्य की मूल अवधारणा को भुलाया जा रहा. संघ इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर करेगा. पूर्व अध्यक्ष डीएस मेहता ने नैनीताल से हाईकोर्ट शिफ्टिंग के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई.
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट शिफ्टिंग के अलावा राज्य की कई ज्वलंत समस्याएं हैं, जिनके निराकरण के प्रयास किए जाने चाहिए थे. इस दौरान पूर्व सचिव त्रिभुवन फर्त्याल, वरिष्ठ अधिवक्ता वीपी नौटियाल, पुष्पा जोशी, नवनीश नेगी, कौशल साह जगाती, भुवनेश जोशी, योगेश पचौलिया, मीना बिष्ट, डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता, पल्लवी बहुगुणा, मधु नेगी सामंत, अविदित नौलियाल, निर्णयों साह, शिवानंद भट्ट समेत तमाम अधिवक्ता शामिल रहे.
गौर हो कि हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार में शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही है. जिसका मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया. हाल में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से शिफ्टिंग करने के मामले में एक बड़ा और निर्णायक फैसला सुनाया था.
जिसमें हाईकोर्ट के 4 मई 2024 के आदेश को पूरी तरह से रद्द (सेट असाइड) कर दिया था. जिसमें हाईकोर्ट शिफ्टिंग करने के लिए एक जनमत संग्रह कराने की बात कही गई थी. इसके साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि हल्द्वानी में चिह्नित की गई जमीन से जुड़ी सभी आवश्यक मंजूरियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र 6 हफ्ते के भीतर पूरे कर लिए जाएं.
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