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अदालत ने जस्टिस डिपार्टमेंट से पूछा- केस क्यों वापस लिया गया?

अमेरिका में अडानी केस में नया मोड़ आ गया है। अदालत ने जस्टिस डिपार्टमेंट से पूछा है कि अडानी पर लगे आरोपों के कारण केस वापस लिया गया। गौतम अडानी के भतीजे सागर अडानी के खिलाफ भी आपराधिक मामला चल रहा है। अदालत ने जस्टिस डिपार्टमेंट को 13 जुलाई तक और जानकारी जमा करने के लिए समय दिया है।

27 जून 2026 को 08:25 am बजे
अदालत ने जस्टिस डिपार्टमेंट से पूछा- केस क्यों वापस लिया गया?

सौजन्य से:- Live Hindustan

अमेरिका में अडानी केस ने लिया नया मोड़, अदालत ने पूछा- केस क्यों वापस लिया गया?

मुख्य बातें

- गौतम अडानी को लेकर अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले में नया मोड़ आ गया है

- यह मामला वर्ष 2024 के नवंबर महीने का है जब तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन का कार्यकाल खत्म होने वाला था

Adani News: उद्योगपति गौतम अडानी को लेकर अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले में नया मोड़ आ गया है। दरअसल, अमेरिका के एक जज ने जस्टिस डिपार्टमेंट को आदेश दिया कि वह अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप हटाने के अपने फैसले का कारण बताए। इसके साथ ही, उन्होंने अडानी के वकीलों की केस खारिज करने की अर्जी पर तुरंत कोई फैसला लेने से इनकार कर दिया।

क्या कहा अमेरिकी जिला न्यायाधीश ने?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट ने 18 मई को केवल यह बताया था कि वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन इसके पीछे पर्याप्त कानूनी कारण नहीं दिए गए। जज ने अपने आदेश में कहा कि सरकार का संक्षिप्त बयान अदालत को कोई ठोस आधार उपलब्ध नहीं कराता, जिसके आधार पर मामले को खारिज किया जा सके।

उन्होंने जस्टिस डिपार्टमेंट को और जानकारी जमा करने के लिए 13 जुलाई तक का समय दिया। इसके बाद ही यह तय होगा कि अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप औपचारिक रूप से समाप्त किए जाएं या नहीं।

2024 का है मामला

यह मामला वर्ष 2024 के नवंबर महीने का है जब तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन का कार्यकाल खत्म होने वाला था। आरोप था कि गौतम अडानी ने भारत में एक सोलर पावर परियोजना की मंजूरी दिलाने के लिए सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची और बाद में अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों के बारे में गुमराह किया। हालांकि, अडानी समूह ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को निराधार बताया है। गौतम अडानी खुद आरोपों का जवाब देने के लिए अमेरिकी अदालत में पेश नहीं हुए हैं।

जस्टिस डिपार्टमेंट ने मई में वापस लिए मामले

इसी साल मई महीने में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से वापस ले लिया है जिससे न्यूयॉर्क में चल रहा बहुचर्चित सिक्योरिटीज और फ्रॉड मामला पूरी तरह खत्म हो गया है। अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि वे अब इन आरोपों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं।

इससे पहले,अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने सोलर एनर्जी परियोजनाओं से जुड़े निवेशक खुलासों के मामले में सिविल आरोपों का निपटारा किया था। इस मामले में बिना किसी गलती को स्वीकार या अस्वीकार किए गौतम अडानी ने 60 लाख डॉलर और सागर अडानी ने 120 लाख डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।

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