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शिवहर में निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जागरूकता अभियान

शिवहर के दुम्मा गांव में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना 2014 और लोक अदालत के लाभों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ताओं ने आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज़ जमा करने के तरीके और पीएलवी की भूमिका स्पष्ट की, जबकि ‘मेडिएशन 3.0’ और स्पेशल लोक अदालत के माध्यम से विवादों के सुलझाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी समस्या पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या पीएलवी से तुरंत मदद लें।

27 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
शिवहर में निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए जागरूकता अभियान

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

डीएलएसए शिवहर की पहल: ग्रामीणों को बताए गए निःशुल्क कानूनी सहायता के नियम, लोक अदालत से विवाद सुलझाने की अपील

लोक अदालत को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया

शिवहर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना 2014 व लोक अदालत के फायदे बताए गए. जानिए कैसे पाएं मदद.

शिवहर: ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने और न्याय को सुलभ बनाने के उद्देश्य से तरियानी प्रखंड अंतर्गत दुम्मा गांव में एक दिवसीय विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), शिवहर संजय अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन एवं डीएलएसए सचिव ललन कुमार रजक के निर्देशानुसार संपन्न हुआ. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों को विभिन्न कल्याणकारी कानूनी योजनाओं की जानकारी दी गई.

बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना 2014 व अधिकारों की मिली जानकारी

कार्यक्रम के दौरान डीएलएसए के पैनल अधिवक्ता अर्जुन कुमार एवं पारा लीगल वालंटियर (पीएलवी) मेनका कुमारी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना, 2014 के विभिन्न प्रावधानों, पात्रता की शर्तों तथा आपराधिक वारदातों के पीड़ितों को मिलने वाले सरकारी मुआवजे के बारे में विस्तार से समझाया. उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी के अभाव में कई पीड़ित अपने वाजिब अधिकारों से वंचित रह जाते हैं, जिन्हें जागरूक करना प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य है.

जानिए कैसे प्राप्त करें निःशुल्क विधिक सहायता

पैनल अधिवक्ता ने ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी मदद की प्रक्रिया से अवगत कराया:

- आवेदन प्रक्रिया: पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिवहर के समाहरणालय स्थित कार्यालय में सादे कागज पर आवेदन देकर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.

- दस्तावेज: इसके लिए अपनी समस्या अथवा वाद से संबंधित आवश्यक कागजात संलग्न कर कार्यालय में जमा कराना होता है.

- अधिवक्ता की निःशुल्क सेवा: पात्रता की जांच के उपरांत प्राधिकार द्वारा मुकदमा लड़ने हेतु पैनल अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी पूरी फीस का वहन प्राधिकार करता है और लाभुक से कोई शुल्क नहीं लिया जाता.

- पीएलवी की मदद: ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद व्यक्ति गांव में प्रतिनियुक्त पीएलवी के माध्यम से भी अपनी विधिक समस्याएं डीएलएसए कार्यालय तक आसानी से पहुंचा सकते हैं.

मेडिएशन 3.0 व स्पेशल लोक अदालत के लाभ समझाए

जागरूकता शिविर में विवादों को कोर्ट-कचहरी के लंबे मुकदमों के बजाय आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने के लिए 'मेडिएशन 3.0' के महत्व पर प्रकाश डाला गया. इसके अतिरिक्त नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (एनआई एक्ट) यानी चेक बाउंस से जुड़े मामलों और आगामी स्पेशल लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय वादों के त्वरित निष्पादन की प्रक्रिया से ग्रामीणों को अवगत कराया गया.

कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने कानूनी अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग और जागरूक रहें. किसी भी प्रकार की विधिक समस्या, विवाद या उत्पीड़न की स्थिति में बिचौलियों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिवहर अथवा स्थानीय पीएलवी से संपर्क कर निःशुल्क विधिक सहायता योजना का लाभ उठाएं.

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