पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने आरोपों का खुलासा नहीं किया
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा को काठमांडू में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया कि उन्हें किस अपराध के आरोप में रोका गया है। राणा का 2019 में पद संभालने के बाद 2022 में महाभियोग के बाद निलंबित किया गया था, और हाल ही में उनके पेंशन के मामले में भी अदालत ने निर्णय दिया था।

सौजन्य से:- Hindustan
नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा गिरफ्तार, के.पी. ओली के खिलाफ दे चुके हैं आदेश
नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चौलेंद्र शमशेर राणा को गिरफ्तार कर लिया गया है। नेपाली पुलिस ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि उन्हें किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
नेपाल में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने उन्हें काठमांडू स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद अभी तक पुलिस ने शिकायत या आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। बता दें, शमशेर 2 जनवरी 2019 को नेपाली सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। उन्हें 13 फरवरी 2022 को महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, इतना बताया गया है कि काठमांडू वैली क्राइम इन्वेस्टिगेशन ऑफिस में शिकायत आने के बाद तुरंत उस पर ऐक्शन लिया गया है।
कौन हैं चौलेंद्र शमशेर राणा?
नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चौलेंद्र शरशेर राणा एक विवादास्पद नाम है। 2019 में मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने के बाद राणा ने तत्कालीन पीएम के.पी. सरमा ओली के संसद भंग किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था। उस समय उन्होंने तत्कालीन नेपाली कांग्रेस के नेता शेर बहादुर देउबा का समर्थन किया। बाद में देउबा पीएम भी बने और केपी ओली के खिलाफ नेपाली कांग्रेस और माओवादियों के गठबंधन का नेतृत्व किया।
हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के साथ उनका विवाद सामने आया। इसमें उनके ऊपर आरोप लगाए गए कि उन्होंने देउबा सरकार में अपने एक करीबी को मंत्री बनवाया है। कोर्ट के करीब 15 वकीलों ने उनके इस्तीफे की मांग की। लेकिन राणा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। बाद में उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया और उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया।
निलंबित किए जाने के बाद शमशेर राणा का पेंशन वाला मामला सुप्रीम कोर्ट में जारी रहा। हाल ही में कोर्ट ने उनकी पेंशन और रिटायरमेंट से जड़े दूसरे सारे पेमेंट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि भले ही राणा को निलंबित किया गया हो, लेकिन उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में उनके भत्ते नहीं रोके जा सकते।
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