होम›अपराध›पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने आरोपों का खुलासा नहीं किया
अपराध

पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने आरोपों का खुलासा नहीं किया

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा को काठमांडू में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया कि उन्हें किस अपराध के आरोप में रोका गया है। राणा का 2019 में पद संभालने के बाद 2022 में महाभियोग के बाद निलंबित किया गया था, और हाल ही में उनके पेंशन के मामले में भी अदालत ने निर्णय दिया था।

27 सितंबर 2026 को 05:05 am बजे
पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा की गिरफ्तारी पर पुलिस ने आरोपों का खुलासा नहीं किया

सौजन्य से:- Hindustan

नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश शमशेर राणा गिरफ्तार, के.पी. ओली के खिलाफ दे चुके हैं आदेश

नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चौलेंद्र शमशेर राणा को गिरफ्तार कर लिया गया है। नेपाली पुलिस ने अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी है कि उन्हें किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

नेपाल में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यहां पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने उन्हें काठमांडू स्थित उनके घर से हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद अभी तक पुलिस ने शिकायत या आरोपों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। बता दें, शमशेर 2 जनवरी 2019 को नेपाली सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने थे। उन्हें 13 फरवरी 2022 को महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है। अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, इतना बताया गया है कि काठमांडू वैली क्राइम इन्वेस्टिगेशन ऑफिस में शिकायत आने के बाद तुरंत उस पर ऐक्शन लिया गया है।

कौन हैं चौलेंद्र शमशेर राणा?

नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश चौलेंद्र शरशेर राणा एक विवादास्पद नाम है। 2019 में मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने के बाद राणा ने तत्कालीन पीएम के.पी. सरमा ओली के संसद भंग किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया था। उस समय उन्होंने तत्कालीन नेपाली कांग्रेस के नेता शेर बहादुर देउबा का समर्थन किया। बाद में देउबा पीएम भी बने और केपी ओली के खिलाफ नेपाली कांग्रेस और माओवादियों के गठबंधन का नेतृत्व किया।

हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के साथ उनका विवाद सामने आया। इसमें उनके ऊपर आरोप लगाए गए कि उन्होंने देउबा सरकार में अपने एक करीबी को मंत्री बनवाया है। कोर्ट के करीब 15 वकीलों ने उनके इस्तीफे की मांग की। लेकिन राणा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। बाद में उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया और उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया।

निलंबित किए जाने के बाद शमशेर राणा का पेंशन वाला मामला सुप्रीम कोर्ट में जारी रहा। हाल ही में कोर्ट ने उनकी पेंशन और रिटायरमेंट से जड़े दूसरे सारे पेमेंट जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि भले ही राणा को निलंबित किया गया हो, लेकिन उनके खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में उनके भत्ते नहीं रोके जा सकते।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
नाबालिग शादी में पर्सनल लॉ बनाम POCSO: हाईकोर्ट ने यौन अपराध की जिम्मेदारी बरकरार रखी
अपराध

नाबालिग शादी में पर्सनल लॉ बनाम POCSO: हाईकोर्ट ने यौन अपराध की जिम्मेदारी बरकरार रखी

2026 के सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख फैसले: मध्यस्थता, सार्वजनिक संसाधन, दिवालियापन और नशे की दवाओं के मामलों में नई दिशा-निर्देश
अपराध

2026 के सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख फैसले: मध्यस्थता, सार्वजनिक संसाधन, दिवालियापन और नशे की दवाओं के मामलों में नई दिशा-निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के दिशा‑निर्देश: फर्जी FIR रद्द करने में हाईकोर्ट की विशिष्ट शक्ति
अपराध

सुप्रीम कोर्ट के दिशा‑निर्देश: फर्जी FIR रद्द करने में हाईकोर्ट की विशिष्ट शक्ति

न्यायपालिका कभी विफल नहीं, भविष्य में भी नहीं
अपराध

न्यायपालिका कभी विफल नहीं, भविष्य में भी नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने टिकट‑मुआवजा, वेतन समानता, आवासीय‑व्यावसायिक उपयोग और ICU मानकों पर प्रमुख दिशा‑निर्देश जारी किए
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने टिकट‑मुआवजा, वेतन समानता, आवासीय‑व्यावसायिक उपयोग और ICU मानकों पर प्रमुख दिशा‑निर्देश जारी किए

क्षेत्र 22 के सैन्य अभियोजक कार्यालय ने तेज़, निष्पक्ष और सटीक न्यायिक कार्यवाही से कानूनी व्यवस्था को सुदृढ़ किया
अपराध

क्षेत्र 22 के सैन्य अभियोजक कार्यालय ने तेज़, निष्पक्ष और सटीक न्यायिक कार्यवाही से कानूनी व्यवस्था को सुदृढ़ किया

गुरुग्राम पुलिस पर साकेत कोर्ट की कठोर फटकार, परिवार से अंतिम संस्कार का अधिकार छिनने पर सवाल
अपराध

गुरुग्राम पुलिस पर साकेत कोर्ट की कठोर फटकार, परिवार से अंतिम संस्कार का अधिकार छिनने पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने युद्ध‑विधवा के लिए पूर्व IAF अधिकारी का पुनः नियुक्ति आदेश दिया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने युद्ध‑विधवा के लिए पूर्व IAF अधिकारी का पुनः नियुक्ति आदेश दिया

ताज़ा ख़बरें