होमसंविधानउपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट पर दलबदल अधिनियम के तहत नोटिस, विधायक पद रद्दीकरण की संभावना
संविधान

उपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट पर दलबदल अधिनियम के तहत नोटिस, विधायक पद रद्दीकरण की संभावना

पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने रीतब्रत बनर्जी सहित दस तृणमूल कांग्रेस विधायकों को दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत नोटिस भेजा, जिसमें उनके विधायक पद को रद्द न करने के कारण पूछे गए हैं। यह कदम ममता गुट द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका और वरिष्ठ विधायक द्वारा दायर लिखित शिकायत के बाद उठाया गया है। उन्हें उत्तर देने के लिये सात दिन का समय दिया गया है, जो निकटवर्ती उपचुनाव की पृष्ठभूमि में गुट पर दबाव बढ़ा रहा है।

16 सितंबर 2026 को 04:05 am बजे
उपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट पर दलबदल अधिनियम के तहत नोटिस, विधायक पद रद्दीकरण की संभावना

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

बंगाल उपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट की बढ़ीं मुश्किलें, दलबदल कानून के तहत स्पीकर ने थमाया नोटिस

बंगाल विधानसभा अध्यक्ष और रीतब्रत

राज्य विधानसभा सचिवालय ने रीतब्रत बनर्जी समेत 10 तृणमूल विधायकों को नोटिस भेजा है. स्पीकर ने पूछा है कि उनकी विधायक पदवी रद्द क्यों न की जाए. यह नोटिस दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत भेजा गया है.

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के 24 घंटों के भीतर ही रीतब्रत गुट की बेचैनी बढ़ गई है. राज्य विधानसभा सचिवालय ने रीतब्रत बनर्जी समेत 10 तृणमूल विधायकों को नोटिस भेजा है. स्पीकर रथिंद्रनाथ बसु ने विधायकों से पूछा है कि उनकी विधायक पदवी रद्द क्यों नहीं की जानी चाहिए. इन 10 विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर है याचिका

सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट ने रीतब्रत समेत 10 तृणमूल विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की. विधानसभा अध्यक्ष को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है. वरिष्ठ तृणमूल विधायक शोभनदेब चटर्जी ने यह जानने के लिए विशेष अनुमति याचिका दायर की है कि इन 10 विधायकों की सदस्यता अभी तक रद्द क्यों नहीं की गई है.

कौन हैं वो 10 विधायक

- रीतब्रत बनर्जी,

- अरूप रॉय,

- फिरहाद हकीम,

- सबीना यास्मीन,

- बिप्लब मित्रा,

- जावेद खान,

- रथिन घोष,

- संदीपान साहा,

- अख्रुज्जमान अंसारी,

- शिउली साहा

लिखित शिकायत दर्ज

इसके बाद, अध्यक्ष ने मंगलवार को इन 10 विधायकों को नोटिस भेजा. यह नोटिस संविधान की दसवीं अनुसूची, यानी दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत भेजा गया है. उनसे पूछा गया है कि उनकी सदस्यता रद्द क्यों न की जाए. शोभंदेव चटर्जी ने रीतब्रत गुट के खिलाफ पार्टी के आदेशों का उल्लंघन करने और दलविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. विधानसभा सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने इसी के मद्देनजर इन 10 विधायकों को नोटिस भेजा है.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

चुनाव आयोग पर सबकी नजर

राजनीतिक जानकारों को मानना है कि राज्य की दो सीटों पर उपचुनाव से पहले रीतब्रत खेमे पर दबाव डाला जा रहा है. रीतब्रत गुट को नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है. यह देखना बाकी है कि क्या वे इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए आवेदन करते हैं. इसी तरह, इस बात को लेकर भी अटकलें तेज हो रही हैं कि रीतब्रत गुट के विधायक नोटिस के जवाब में क्या लिखेंगे. हालांकि, इसी बीच यह अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह पर निर्णय घोषित किए जाने के बाद तृणमूल के दोनों गुटों के बीच संघर्ष किस दिशा में जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सार्वजनिक निवेश को एकीकृत करने वाला नया राज्य बजट मसौदा कानून
संविधान

सार्वजनिक निवेश को एकीकृत करने वाला नया राज्य बजट मसौदा कानून

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का मेल वोटिंग सुधार रोका, चुनावों पर फेडरल नियंत्रण की लड़ाई जारी
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प का मेल वोटिंग सुधार रोका, चुनावों पर फेडरल नियंत्रण की लड़ाई जारी

मसौदा भूमि कानून में नोटरीकरण प्रावधान को बरकरार रखने पर कार्यशाला में हुई बहस
संविधान

मसौदा भूमि कानून में नोटरीकरण प्रावधान को बरकरार रखने पर कार्यशाला में हुई बहस

मानवाधिकार आयोग की मंजूरी नहीं ज़रूरी, सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार न्यायालय के अधिकार को स्वतंत्र घोषित किया
संविधान

मानवाधिकार आयोग की मंजूरी नहीं ज़रूरी, सुप्रीम कोर्ट ने मानवाधिकार न्यायालय के अधिकार को स्वतंत्र घोषित किया

भूमि, आवास व अचल‑संपत्ति कानूनों को एकीकृत कर संसाधन दोहन को तेज़ करने की पहल
संविधान

भूमि, आवास व अचल‑संपत्ति कानूनों को एकीकृत कर संसाधन दोहन को तेज़ करने की पहल

शहरी विकास कानून से हो ची मिन्ह सिटी व अन्य शहरी क्षेत्रों में समन्वित प्रगति
संविधान

शहरी विकास कानून से हो ची मिन्ह सिटी व अन्य शहरी क्षेत्रों में समन्वित प्रगति

सुप्रीम कोर्ट ने विधवा के पेंशन बकाया को नकारने से किया इनकार, तरसें सिंह के पूर्व मानदंड से अलग रुख
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने विधवा के पेंशन बकाया को नकारने से किया इनकार, तरसें सिंह के पूर्व मानदंड से अलग रुख

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 2026 मतपत्र नियमों पर लगाई रोक, चुनावी प्रक्रिया में बनी स्थिरता
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के 2026 मतपत्र नियमों पर लगाई रोक, चुनावी प्रक्रिया में बनी स्थिरता

ताज़ा ख़बरें