होमसंविधानईसाई प्रतिनिधिमंडल ने खड़गे से मुलाकात: एंटी-धर्मांतरण कानून रद्द और 1% आरक्षण की मांग
संविधान

ईसाई प्रतिनिधिमंडल ने खड़गे से मुलाकात: एंटी-धर्मांतरण कानून रद्द और 1% आरक्षण की मांग

बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने वाले ईसाई प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक के धर्मांतरण विरोधी कानून (फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल 2021) को निरस्त करने और समुदाय को 1% आरक्षण देने का आग्रह किया। उन्होंने विधान परिषद तथा अन्य सरकारी निकायों में बेहतर प्रतिनिधित्व और सामाजिक-आर्थिक सुधार के लिए कदम उठाने की अपील की।

15 सितंबर 2026 को 12:04 am बजे
ईसाई प्रतिनिधिमंडल ने खड़गे से मुलाकात: एंटी-धर्मांतरण कानून रद्द और 1% आरक्षण की मांग

सौजन्य से:- AajTak

ईसाई प्रतिनिधिमंडल ने खड़गे से मुलाकात की, कर्नाटक में एंटी-कन्वर्जन कानून रद्द करने और आरक्षण की मांग की

कर्नाटक में ईसाई समुदाय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर धर्मांतरण विरोधी कानून को वापस लेने, पिछड़ा वर्ग के तहत एक प्रतिशत आरक्षण देने और विधान परिषद में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए खड़गे से हस्तक्षेप की मांग की है.

X

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मिला ईसाई प्रतिनिधिमंडल. (photo: ITG)

- बेंगलुरु,

- 15 सितंबर 2026,

- (अपडेटेड 15 सितंबर 2026, 4:59 AM IST)

कर्नाटक के ईसाई समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने समुदाय की लंबे वक्त से लंबित मांगों को लेकर खड़गे से सीधे हस्तक्षेप का अनुरोध किया. इस बैठक में मुख्य रूप से कर्नाटक धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का संरक्षण विधेयक 2021 यानी धर्मांतरण विरोधी कानून को निरस्त करने और पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत ईसाई समुदाय के लिए एक प्रतिशत विशेष आरक्षण देने की मांग उठाई गई.

प्रतिनिधिमंडल ने 2021 के फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल के प्रावधानों पर गंभीर चिंता व्यक्त की. ईसाई नेताओं ने कहा कि इस कानून से संविधान द्वारा प्रदत्त अपने धर्म के पालन और प्रचार के मौलिक अधिकारों पर गहरा असर पड़ रहा है. उन्होंने खड़गे से अपील की कि राज्य में इस धर्मांतरण विरोधी कानून को पूरी तरह से निरस्त किया जाना चाहिए.

प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक विधान परिषद में ईसाई समुदाय के एक प्रतिनिधि को मनोनीत करने की मांग रखी. साथ ही पिछड़ा वर्ग वर्गीकरण के अंतर्गत समुदाय के लिए एक प्रतिशत विशेष आरक्षण देने का अनुरोध किया. नेताओं ने समुदाय के सामने मौजूद सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित करते हुए शिक्षा और रोजगार में अवसर बढ़ाने के लिए कदम उठाने की अपील की.

बैठक में विभिन्न सरकारी बोर्डों, निगमों और अन्य वैधानिक तथा मनोनीत निकायों में ईसाई समुदाय के सदस्यों को पर्याप्त और सार्थक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई. प्रतिनिधिमंडल में मैंगलोर के बिशप पीटर पॉल, मैसूर के बिशप फ्रांसिस सेराओ, फादर अरुण लुईस, प्रवीण पीटर, एंथनी विक्रम और जेए कंठराज शामिल थे. खड़गे ने सभी मांगों पर कर्नाटक सरकार से चर्चा कर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया.

---- समाप्त ----

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्च की 'हिंदी जन सूचना सेवा': न्याय अधिक सुलभ
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्च की 'हिंदी जन सूचना सेवा': न्याय अधिक सुलभ

सुप्रीम कोर्ट में दीपक प्रकाश ने हलफनामा दायर किया, अब एमएलसी‑स्थिति बदलने से याचिका रद्द की मांग
संविधान

सुप्रीम कोर्ट में दीपक प्रकाश ने हलफनामा दायर किया, अब एमएलसी‑स्थिति बदलने से याचिका रद्द की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रम्प के मेल वोटिंग प्रतिबंधों को रोक दिया
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रम्प के मेल वोटिंग प्रतिबंधों को रोक दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य-चुनाव से पहले ट्रम्प की मेल बैलेट सीमाओं को रोका
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य-चुनाव से पहले ट्रम्प की मेल बैलेट सीमाओं को रोका

स्वामीनारायण संप्रदाय ने कोर्ट में किया 'हम हिन्दू नहीं' का दावा – 20‑सालों का दलील‑जंग
संविधान

स्वामीनारायण संप्रदाय ने कोर्ट में किया 'हम हिन्दू नहीं' का दावा – 20‑सालों का दलील‑जंग

2024 के भूमि कानून में सुधार: जनता के अधिकारों की मजबूत रक्षा
संविधान

2024 के भूमि कानून में सुधार: जनता के अधिकारों की मजबूत रक्षा

केपीके के मुख्यमंत्री के चुनाव पर अदालत से चुनौती, अफरीदी को मिला नोटिस
संविधान

केपीके के मुख्यमंत्री के चुनाव पर अदालत से चुनौती, अफरीदी को मिला नोटिस

मायावती के बार‑बार बदलते फैसले: भरोसे की कमी और परिवारिक खेल का असर
संविधान

मायावती के बार‑बार बदलते फैसले: भरोसे की कमी और परिवारिक खेल का असर

ताज़ा ख़बरें