कठुआ में विशेष लोक अदालत ने 3 एमएसीटी मामलों को 10.75 लाख रुपये में निपटाया
कठुआ के न्यायालय परिसर में आयोजित विशेष लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से जुड़े तीन एमएसीटी मामलों की सुनवाई हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश प्रवीण पंडोह के मार्गदर्शन में पक्षकारों ने आपसी सहमति से कुल 10.75 लाख रुपये का समझौता किया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6ab825b0d9b692b0840679c8","slug":"court-news-kathua-news-c-201-1-knt1009-136842-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: विशेष लोक अदालत में 3 एमएसीटी मामलों का निपटारा, 10.75 लाख रुपये में हुआ समझौता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: विशेष लोक अदालत में 3 एमएसीटी मामलों का निपटारा, 10.75 लाख रुपये में हुआ समझौता
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए शनिवार को न्यायालय परिसर में एक विशेष लोक अदालत लगाई गई। यह लोक अदालत एडीआर सेंटर में आयोजित की गई। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण पंडोह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें एमएसीटी (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।
विशेष लोक अदालत में एक पीठ का गठन किया गया, जिसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण पंडोह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उर्वशी आर. भार्गव शामिल रहीं। कुल 10 एमएसीटी मामलों को आपसी सहमति से निपटारे के लिए लिया गया, जिनमें से तीन मामलों का सफलतापूर्वक समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में समझौते के तहत कुल 10 लाख 75 हजार रुपये की राशि हासिल करने पर सहमति बनी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि विशेष लोक अदालत का आयोजन दुर्घटना पीड़ितों और संबंधित पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत देते हुए आपसी सहमति के माध्यम से मामलों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे से पक्षकारों के समय और खर्च की भी बचत होती है।
विज्ञापन
कठुआ। मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों के त्वरित और आपसी सहमति से निपटारे के लिए शनिवार को न्यायालय परिसर में एक विशेष लोक अदालत लगाई गई। यह लोक अदालत एडीआर सेंटर में आयोजित की गई। यह लोक अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण पंडोह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जिसमें एमएसीटी (मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।
विशेष लोक अदालत में एक पीठ का गठन किया गया, जिसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण पंडोह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव उर्वशी आर. भार्गव शामिल रहीं। कुल 10 एमएसीटी मामलों को आपसी सहमति से निपटारे के लिए लिया गया, जिनमें से तीन मामलों का सफलतापूर्वक समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में समझौते के तहत कुल 10 लाख 75 हजार रुपये की राशि हासिल करने पर सहमति बनी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि विशेष लोक अदालत का आयोजन दुर्घटना पीड़ितों और संबंधित पक्षों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत देते हुए आपसी सहमति के माध्यम से मामलों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे से पक्षकारों के समय और खर्च की भी बचत होती है।
विज्ञापन
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
स्थाई लोक अदालत: शीघ्र न्याय के लिए नई पहल, बताई नीतू जोशी की दृष्टि

मांडर में 60‑दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान: मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी

गुयेन ट्राई सेकेंडरी स्कूल में पुलिस ने 532 छात्रों को सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया

नसीराबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी पर चर्चा

26 सितंबर 2026 धनु राशिफल: बहस से बचें, नियम-आधारित सफलता

लोक अदालत के आदेश का अनदेखा करने पर प्रतापगढ़ आयुक्त कार्यालय को सील

मेलोनी ने इटली के स्कूलों में बुर्का पर रोक लगाई, हिजाब को छोड़ा

बिहार में लड़कियों के खिलाफ सार्वजनिक छेड़छाड़ के वीडियो ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए
ताज़ा ख़बरें
- 1 अक्टूबर को आयोजित होगी मासिक डाक अदालत, उपभोक्ताओं को मिलेगा शिकायत निवारण का मंच
- IRDAI ने मोटर बीमा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव, प्रीमियम घट सकते हैं और विकल्प बढ़ेंगे
- गोरखपुर जेल में लोक अदालत ने 12 मामलों की कार्यवाही, 7 निस्तारित, 5 बकाया
- स्थायी लोक अदालत ने दो मामलों में बीमा भुगतान का निर्णय दिया
- नैनीताल में 1 अक्टूबर से शुरू होगी ग्राहकों की समस्याओं के लिये मासिक डाक अदालत
- प्रयागराज एनएलयू में दलित छात्रों ने एचओडी‑वार्डन पर जातीय भेदभाव का आरोप, कोर्ट ने की जांच समिति का गठन
- राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने सांस्कृतिक उद्योग विकास विधेयक पर राय व्यक्त की
- इलेक्शन कमिशन के निर्णय‑निर्धारण में असहमति और बहुमत का संतुलन

