12 दिसंबर को अगली लोक अदालत, ट्रैफिक चालानों की माफी का फिर से मौका
सितंबर में छूटे लोक अदालत के बाद अब 12 दिसंबर को फिर से लोक अदालत का आयोजन होगा, जहाँ छोटे‑मोटे ट्रैफिक उल्लंघनों के जुर्माने माफ़ या घटाए जा सकते हैं। हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, सिग्नल तोड़ना आदि मामलों में अक्सर पूरी माफी मिलती है, जबकि नशे में चलाना या हिट‑एंड‑रन जैसे गंभीर उल्लंघनों में माफी नहीं दी जाती।

सौजन्य से:- Jagran
इस बार चूक गए तो अब कब मिलेगा चालान माफ करवाने का मौका, कब लगेगी अगली Lok Adalat
भारत में समय समय पर Lok Adalat का आयोजन किया जाता है। आखिरी बार सितंबर में लोक अदालत लगाई गई ...और पढ़ें
समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हर रोज हजारों वाहनों की ओर से ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन किया जाता है। जिसके बाद अलग अलग नियमों के उल्लंघन पर चालान जारी किए जाते हैं। इस तरह के चालान का निपटारा Lok Adalat में किया जाता है। सितंबर महीने में भी लोक अदालत को लगाया गया था। लेकिन किसी कारण से आप इस बार चूक गए हैं तो अब कब अगली लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
कब लगेगी Lok Adalat
भारत में समय समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। साल में करीब चार बार लोक अदालत लगाई जाती हैं। जिनमें लाखों लोगों को अपने लंबित मामलों को निपटाने का मौका दिया जाता है। अगर सितंबर में लगी लोक अदालत में जाने का मौका आप चूक गए हैं तो अब फिर से 12 दिसंबर को लोक अदालत को लगाया जाएगा।
माफ भी होते हैं चालान
लोक अदालत में कम समय और कम कीमत पर निपटारा किया जाता है। कई बार तो छोटे मामलों में जुर्माने की राशि को पूरी तरह से माफ कर दिया जाता है या फिर कम राशि का जुर्माना लगाकर निपटारा किया जाता है।
किस तरह के चालान हो सकते हैं माफ
बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, गलत तरह से पार्किंग करना, प्रदूषण सर्टिफिकेट न होना, इंश्योरेंस खत्म होने जैसे चालानों पर लोक अदालत में सुनवाई की जाती है। जिसमें कई मामलों में बिना जुर्माना लगाए ही निपटारा किया जाता है।
किन मामलों में नहीं मिलती माफी
ट्रैफिक नियमों में गंभीर उल्लंघन जैसे मामलों में लोक अदालत से माफी नहीं मिलती। ऐसे मामलों में नशे में वाहन चलाना, हिट एंड रन जैसे मामले शामिल होते हैं।
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