झारखंड हाईकोर्ट ने हिंडाल्को फैक्ट्री विवाद में आंदोलन समाप्ति पर निर्देश दिया
झारखंड हाईकोर्ट ने हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड से संबंधित रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान बताया कि फैक्ट्री के आसपास का आंदोलन समाप्त हो चुका है और कानून-व्यवस्था बहाल हो गई है। न्यायाधीश ने जिला प्रशासन और कंपनी से आग्रह किया कि वे परिसर व उसके आसपास शांति बनाए रखें, तथा अगले 28 अक्टूबर को नई सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध किया। दोनों पक्ष अभी भी कुछ मांगों पर वार्ता कर रहे हैं, जिससे मामला स्थगित करने का अनुरोध किया गया।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
हिंडाल्को फैक्ट्री विवाद में आंदोलन खत्म, हाईकोर्ट ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दिया निर्देश
झारखंड हाईकोर्ट की फाइल फोटो.
झारखंड हाईकोर्ट में हिंडाल्को विवाद पर सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार ने बताया कि आंदोलन समाप्त हो गया है और कानून-व्यवस्था बहाल कर दी गई है।
Jharkhand High Court: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड से जुड़े विवाद को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि आंदोलन समाप्त हो गया है और इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल कर दी गयी है. यह मामला हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से दायर W.P.(Cr.) No. 602 of 2026 से संबंधित है. मामले की सुनवाई 29 सितंबर 2026 को जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की अदालत में हुई.
दोनों पक्षों के बीच मांगों पर बातचीत जारी
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता ने अदालत को निर्देश के आधार पर बताया कि आंदोलन अब समाप्त हो चुका है. वहीं, याचिकाकर्ता हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने कहा कि कुछ मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है. इसी आधार पर उन्होंने मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित करने का आग्रह किया.
28 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले को 28 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया. अदालत ने फिलहाल मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की है. आदेश में कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच जिन मांगों को लेकर बातचीत चल रही है, उसके मद्देनजर मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.
फैक्ट्री के आसपास कानून-व्यवस्था पर जोर
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विशेष निर्देश दिया. अदालत ने अपेक्षा जतायी कि जिला प्रशासन फैक्ट्री परिसर और उसके आसपास कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना सुनिश्चित करेगा. साथ ही अदालत ने कहा कि पहले जिस हिंसा के होने की बात सामने आयी थी, उसकी दोबारा स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए.
हिंसा की पुनरावृत्ति रोकने का निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पहले हुई बतायी गयी हिंसा के कारण ही वर्तमान रिट याचिका दायर की गयी है. ऐसे में प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि फैक्ट्री परिसर और आसपास किसी तरह की हिंसक स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो. कोर्ट ने कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखने की अपेक्षा जतायी.
प्रबंधन से भी सहयोग की अपेक्षा
हाईकोर्ट ने केवल जिला प्रशासन को ही नहीं, बल्कि हिंडाल्को प्रबंधन से भी सहयोग की अपेक्षा की है. अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए याचिकाकर्ता प्रबंधन को भी जिला प्रशासन के साथ सहयोग करना होगा. इस तरह कोर्ट ने विवाद के बीच प्रशासन और कंपनी दोनों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है.
किन्हें बनाया गया है प्रतिवादी
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से दायर याचिका में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, रांची के उपायुक्त, सदर रांची के अनुमंडल पदाधिकारी, रांची के पुलिस अधीक्षक और मुरी थाना के प्रभारी को प्रतिवादी बनाया गया है. इसके अलावा सिली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित कुमार को भी मामले में प्रतिवादी बनाया गया है.
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आदेश की प्रति रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश
सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता की ओर से अदालत में प्रस्तुत निर्देश की प्रति को भी हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है. फिलहाल आंदोलन समाप्त होने और कानून-व्यवस्था बहाल होने की जानकारी अदालत के समक्ष रखी गयी है. दोनों पक्षों के बीच मांगों को लेकर बातचीत जारी है, इसलिए अगली सुनवाई में मामले की स्थिति पर आगे विचार किया जाएगा.
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