कोकरॉच जनता पार्टी के संस्थापक ने सुप्रीम कोर्ट को दोषी ठहराया, शिवाजी पार्क में विरोध का एलेन
अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की कई याचिकाओं को लेकर कोर्ट को समान रूप से जिम्मेदार कहा, विशेषकर पश्चिम बंगाल चुनाव में SIR प्रक्रिया को लेकर। उन्होंने मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जेल भरो' आंदोलन का एलेन किया, जबकि पुलिस ने अनुमति नहीं दी। दीपके ने कोर्ट के बयानों पर सवाल उठाते हुए विरोध की तैयारियों की पुष्टि की।

सौजन्य से:- Hindustan
सुप्रीम कोर्ट भी दोषी है, अभिजीत दीपके की दो टूक; किस जज के बयान से नाराज
अभिजीत दीपके यानी कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अब भारत के शीर्ष न्यायालय पर भड़के हुए नजर आ रहे हैं। मुंबई में प्रदर्शन से पहले उन्होंने नाराजगी जाहिर की। शुक्रवार शाम 4 बजे से शिवाजी पार्क में सीजेपी ने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है।
सुप्रीम कोर्ट भी अब कॉकरोच जनता पार्टी के निशाने पर है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने SIR के मुद्दे पर कह दिया कि शीर्ष न्यायालय भी बराबर का दोषी है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ऐसा कहा है। शुक्रवार को पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन शुरू करने जा रही है।
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके से शीर्ष न्यायालय में दाखिल हो चुकीं याचिकाओं को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया, 'सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोग पहले ही याचिका दाखिल कर चुके हैं। इसके अलावा भी SIR मुद्दे से जुड़ी कई मांगें की गईं हैं। आप सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक का इंतजार क्यों नहीं कर सकते।'
इसपर उन्होंने अदालत पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा, 'आप किस सुप्रीम कोर्ट की बात कर रहे हैं। वही सुप्रीम कोर्ट, जिसने पश्चिम बंगाल चुनाव में लाखों लोगों को वोट की अनुमति नहीं दी। और किसने कहा था कि इस बार वोट नहीं कर सके, तो कौन सी बड़ी बात है अगली बार कर देना। उस सुप्रीम कोर्ट के बारे में बात कर रहे हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट भी बराबर का दोषी है।'
किस जज का क्या बयान
बात अप्रैल की, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले की है। शीर्ष न्यायालय में कई लोगों की याचिकाएं पहुंचीं थीं, जिनमें 65 चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मी भी शामिल थे। उन्होंने राज्य में SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में से अपने नाम हटने को चुनौती दी थी। तब कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया था और संबंधित ट्रिब्यूनल में जाने के लिए कहा था।
यह बात भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कही थी। तब दो अलग-अलग याचिकाओं के लिए वकील कोर्ट पहुंचे थे। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा था कि प्रक्रिया से प्रभावित 65 लोग बंगाल में चुनाव की ड्यूटी पर हैं। उन्होंने कहा था, 'चुनाव ड्यूटी के लिए जारी आदेश में EPIC नंबर का जिक्र था, जिसे बाद में हटा दिया गया। अब चुनाव ड्यूटी पर तैनात लोग वोट नहीं डाल सकते। यह कदम मनमाना लगता है।'
EPIC का मतलब मतदाता फोटो पहचान पत्र से है। वकील ने कहा कि इस संबंध में कारण बताओ नोटिस भी जारी नहीं किए गए थे। साथ ही बताया गया था कि याचिकाकर्ताओं ने ट्रिब्यूनल में पहले ही अपील दायर कर दी हैं। बेंच ने जवाब दिया, 'ट्रिब्यूनल की तरफ से उचित आदेश जारी किए जाएंगे।'
साथ ही जस्टिस बागची ने कहा था, 'इस चुनाव में हो सकता है कि वो वोट नहीं डाल सकें, लेकिन वोटर लिस्ट में बने रहने का अहम अधिकार सुरक्षित रहेगा।'
मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन
दीपके ने मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। खबरें हैं कि मुंबई पुलिस की तरफ से यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है और उन्होंने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। शाम 4 बजे प्रदर्शन शुरू होने के आसार हैं। इससे पहले खबरें आईं थीं कि दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी ने इन खबरों का खंडन किया है।
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