न्यायमूर्ति माहेश्वरी के सेवानिवृत्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में बड़ा बदलाव
न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा अब उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम के सदस्य होंगे। उनकी एंट्री के साथ कॉलेजियम में नए और बदले हुए नाम होंगे, जिनकी सिफारिशें नियुक्ति और पदोन्नति के लिए होंगे।

सौजन्य से:- ndtv.in
- जज माहेश्वरी के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम के सदस्य होंगे
- न्यायमूर्ति नरसिम्हा कॉलेजियम के पांचवें सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और वे मई 2028 तक सदस्य रहेंगे
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में चीफ जस्टिस सहित कुल 5 वरिष्ठ न्यायाधीश नियुक्ति और पदोन्नति की सिफारिश करते हैं
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी के रविवार को सेवानिवृत्त होने के साथ ही न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम के सदस्य बन जाएंगे. पांचवें सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होने के नाते, न्यायमूर्ति नरसिम्हा 2 मई, 2028 को सेवानिवृत्त होने तक आधिकारिक तौर पर कॉलेजियम का हिस्सा रहेंगे. न्यायमूर्ति माहेश्वरी लगभग पांच साल के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए हैं.
कॉलेजियम में अब प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा शामिल होंगे.
उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद 1993 में शुरू हुई कॉलेजियम प्रणाली के तहत, न्यायालय के पांच वरिष्ठ न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय और 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति, तबादले और पदोन्नति की सिफारिश करते हैं.
इस व्यवस्था के तहत सरकार कॉलेजियम को सिफारिश वापस भेज सकती है. आम तौर पर, अगर कॉलेजियम अपनी सिफारिश को दोहराता है तो सरकार उसे मान लेती है, लेकिन ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब सरकार ने फाइल वापस भेज दी या सिफारिश पर कोई जवाब नहीं दिया.
न्यायमूर्ति नरसिम्हा को 2008 में उच्चतम न्यायालय की पूर्ण पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर नामित किया था. उन्हें 2014 में भारत का अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था. न्यायमूर्ति नरसिम्हा को 31 अगस्त, 2021 को सीधे बार से उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था.
इसे भी पढ़ें: फ्लैट की चाबी मिलने के बाद भी मिल सकता है कंपनसेशन, लेट डिलीवरी पर होम बायर्स के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
इसे भी पढ़ें: पासपोर्ट, आधार, PAN नहीं... आपसे मांगा जाए नागरिकता का प्रमाण तो कौन सा दस्तावेज आएगा काम? क्या बोले एक्सपर्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
ताज़ा ख़बरें
- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू

