शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 1 जुलाई से VB-G RAM G कानून लागू होगा, मनरेगा समाप्त हो रही है
शिवराज सिंह चौहान ने नेटडीटीवी को बताया कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना की जगह 1 जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन लागू करने जा रही है।

सौजन्य से:- ndtv.in
- देश में 30 जून को मनरेगा योजना समाप्त होकर 1 जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन लागू होगा
- नए कानून के तहत ग्रामीण मजदूरों को पहले के 100 दिनों की जगह 125 दिनों का रोजगार मिलेगा
- केंद्र सरकार ने अल नीनो के प्रभाव वाले 111 जिलों की पहचान कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है
देश में 30 जून को मनरेगा योजना समाप्त हो रही है. केंद्र सरकार इस योजना की जगह 1 जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) कानून लांच करने जा रही है. इस कानून को लेकर NDTV ने केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने NDTV से 1 जुलाई, 2026 से VB-G RAM G कानून लागू होने और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीज़न के दौरान 'सामान्य से कम' मॉनसून और अल नीनो के असर से निपटने के लिए राष्ट्रीय आकस्मिक योजना के बारे में विस्तार से अपनी बात रखी. नए कानून को लेकर राज्यों के साथ मिलकर केंद्र सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. इसको नोटिफाई कर दिया गया है. राज्यों ने भी तैयारी कर ली है. अधिकांश राज्यों ने नोटिफाई कर दिया है, जो बचे हुए राज्य हैं वो भी नोटिफाई करने की प्रक्रिया में है. एकाध राज्यों को छोड़कर सभी राज्य सरकारों ने फंड्स की व्यवस्था कर ली है.
ग्रामीण मजदूरों को अब 100 की जगह 125 दिन का मिलेगा रोजगार
उन्होंने कहा कि एकाध राज्य सरकारों ने बताया है कि "जी राम जी" कानून को नोटिफाई करने की तैयारी चल रही है, इसके बावजूद योजना 1 जुलाई से लॉन्च हो जाएगी. जी राम जी कानून के लागू होने के बाद 01 जुलाई से ग्रामीण मज़दूरों को 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार मिलने लगेगा. इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए सरपंचों को ट्रेनिंग दी गयी है, ग्राम पंचायत कैसे ग्रामीण विकास की योजनाएं बनाएंगे उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर ली गयी हैं.
जल संग्रहण जरूरी है
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने लगातार यह कोशिश की है और निर्देश दिए हैं कि जो पुरानी वॉटर बॉडीज है उनको समय पर ठीक कर लिया जाए. जितनी नयी वॉटर बॉडीज बन सकती हैं बनायीं जाएं. छोटी-छोटी वाटर बॉडीज जैसी संरचनाएं तैयार की जाएं और जल के संरक्षण के जितने भी प्रकार के काम हैं. उनको इस योजना के तहत सर्वोच्च वरीयता दी जाए जिससे अगर पानी कम भी गिरे तो हम बारिश के पानी को संग्रहित कर सकें और इसका उपयोग खेती के लिए और पीने के पानी के लिए भी हम सही उपयोग कर सकें.
अल नीनो से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की कर ली है पहचान
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उन 111 ज़िलों की पहचान कर ली है जहां अल नीनो का ज्यादा असर पढ़ने की आशंका है. लेकिन असर 300 जिलों से ज्यादा पर पड़ने की आशंका है.हमने राज्यों को पूरी जानकारी दे दी है कि उनके यहां कौन-कौन से ज़िले या इलाके संवेदनशील हैं. इन सभी प्रभावित होने वाले ज़िलों में उन्हें खेती या रोजगार में जहां भी कमी आएगी "जी राम जी" कानून के तहत सभी प्रभावित लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार रहना होगा. हमारी तैयारी है कि बिना किसी परेशानी के ये ट्रांजीशन मनरेगा से "जी राम जी" कानून में हो जाएगा. हमारी कोशिश है कि कोई भी मजदूर एक दिन तो क्या 1 घंटे भी बिना रोजगार के ना रहे. कोई परेशानी उसको ना आए. E-KYC में अगर कहीं कमी रह गयी है तो सारे रास्ते हमने निकाल लिए हैं. हमने यह सुनिश्चित कर लिया है.
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