सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की बंधक याचिका को खारिज करने का इशारा किया, सुनवाई सोमवार को
पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने कहा कि याचिका को खारिज किया जाएगा, पर यह निर्णय कल नहीं बल्कि 5 अक्टूबर को किया जाएगा। हाईकोर्ट ने 20 अक्टूबर तक की शर्तों के साथ जमानत दी थी, जिससे प्रधान उपचुनाव में प्रचार कर सकेंगे।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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बंगाल- कांग्रेस कैंडिडेट को मिली जमानत पर सरकार कोर्ट पहुंची:सुप्रीम कोर्ट बोला- आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम ऐसा सोमवार को करेंगे
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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल की भाजपा सरकार बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची।
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि मिलन प्रधान हत्या के केस में गिरफ्तार किए गए हैं। उन्हें चुनाव लड़ने के नाम पर हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी। इसलिए इस मामले पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए।
इस पर टिप्पणी करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- कल कई मामले सुनवाई के लिए पहले से लगे हैं। हम आपको आश्वस्त कर सकते हैं कि आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम यह कल नहीं सोमवार यानी 5 अक्टूबर को ऐसा करेंगे।
हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ 20 अक्टूबर तक की अंतरिम जमानत दी है
प्रधान को 2007 में दर्ज छह आपराधिक मामलों में अंतरिम जमानत मिली है। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोप शामिल हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 29 सितंबर को उन्हें 20 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी। इससे वे 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकेंगे।
हाईकोर्ट ने मिलन प्रधान को 21 अक्टूबर को ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया है। छहों आपराधिक मामलों में उन्हें 20-20 हजार रुपए का जमानती बॉन्ड जमा करना होगा।
कोर्ट ने प्रधान को अपना मोबाइल नंबर जांच अधिकारी को देने का भी निर्देश दिया है। जांच अधिकारी उम्मीदवार को दिन में दो बार फोन कर सकेंगे।
अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव
नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। चुनाव आयोग ने इसी सीट पर उपचुनाव की घोषणा की।
बंगाल की राजनीति में खास जगह रही है नंदीग्राम की
नंदीग्राम का पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास स्थान रहा है। 2007 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी ने मदद की थी।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 2011 में 34 साल पुरानी वाम मोर्चा सरकार को हटाकर सत्ता हासिल की। नंदीग्राम आंदोलन इस राजनीतिक बदलाव से जुड़े प्रमुख घटनाक्रमों में गिना जाता है।
शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ही ममता बनर्जी को 1,956 वोटों से हराया था।
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