होम›अपराध›इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म FIR को रद्द किया
अपराध

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म FIR को रद्द किया

कोर्ट ने कहा कि केवल शादी के वादे से बना रिश्ता स्वतः दुष्कर्म नहीं माना जा सकता; यह साबित करना आवश्यक है कि वह वादा शुरुआत से झूठा था और सहमति उसी के आधार पर थी। जांच में यह पाया गया कि शिकायतकर्ता आरोपी को पहले से जानती थी, वह स्वेच्छा से वाराणसी गई और कोई बलात्कार का प्रमाण नहीं मिला, इसलिए सभी आपराधिक कार्रवाई रद्द कर दी गई।

30 सितंबर 2026 को 05:05 pm बजे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म FIR को रद्द किया

सौजन्य से:- prabhatkhabar.com

शादी का वादा टूटा तो रेप? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ किया कानून, यूपी पुलिस इंस्पेक्टर अमित कुमार पर दर्ज FIR रद्द

यूपी पुलिस इंस्पेक्टर अमित कुमार पर दर्ज FIR रद्द (AI)

शादी के वादे पर बने हर संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ FIR रद्द करते हुए अहम फैसला सुनाया है. जानें क्या है मामला.

Allahabad High Court Rape Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी पुलिस इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शादी के वादे पर बने हर संबंध को दुष्कर्म नहीं माना जा सकता. इसके लिए यह साबित करना जरूरी है कि संबंध बनाते समय शादी का वादा शुरू से ही झूठा था और महिला की सहमति उसी झूठे वादे के आधार पर बनी थी. न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की पीठ ने यह आदेश दिया.

2013 में हुई थी आरोपी से मुलाकात, 2020 में दर्ज कराया केस

मथुरा के कोसीकलां की एक युवती ने 8 जनवरी 2020 को वाराणसी के महिला थाने में इंस्पेक्टर अमित कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. युवती का आरोप था कि 2013 में कोसीकलां में तैनाती के दौरान अमित कुमार ने उससे शादी का प्रस्ताव रखा और अपनी पहली शादी की बात छिपाई. आरोप के मुताबिक, सितंबर 2019 में उसे वाराणसी के एक होटल में बुलाया गया, जहां मिल्क शेक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. युवती ने अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने और धमकी देने के भी आरोप लगाए थे.

व्हाट्सऐप चैट और होटल जाने के तथ्य पर कोर्ट ने की चर्चा

इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी थी. इसी चार्जशीट और वाराणसी के एसीजेएम तृतीय की अदालत में लंबित मुकदमे को रद्द कराने के लिए अमित कुमार ने हाईकोर्ट का रुख किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि युवती शिक्षित और वयस्क थी और वर्ष 2013 से आरोपी को जानती थी. वह बिना किसी को बताए अकेले विमान से वाराणसी गई और होटल में रुकी. इसके बाद भी उसने शिकायत नहीं की और आरोपी के संपर्क में रही. वह आरोपी के मेरठ स्थित पैतृक घर भी गई. व्हाट्सऐप चैट में युवती की ओर से आरोपी के तलाक तक इंतजार करने की बात भी सामने आई. कोर्ट ने इन परिस्थितियों को देखते हुए माना कि युवती को आरोपी की पहली शादी की जानकारी थी. जांच में ब्लैकमेल के लिए बनाए गए बताए गए अश्लील फोटो-वीडियो भी बरामद नहीं हुए.

पहली पत्नी से 2023 में हुआ तलाक, कोर्ट ने रद्द की पूरी कार्यवाही

अदालत ने यह भी दर्ज किया कि आरोपी ने शादी से कभी इनकार नहीं किया और उसकी पहली पत्नी से 14 दिसंबर 2023 को मेरठ के पारिवारिक न्यायालय में तलाक मंजूर हुआ. आरोपी की ओर से यह भी कहा गया कि मुकदमा उसकी पहली पत्नी के उकसावे पर दर्ज कराया गया. वहीं, शिकायतकर्ता और राज्य सरकार की ओर से युवती के बयान को स्पष्ट और एकरूप बताते हुए शादी का झांसा देकर संबंध बनाने की दलील दी गई. शिकायतकर्ता की ओर से आरोपी के खिलाफ 24 से अधिक आपराधिक मामलों का भी दावा किया गया, जबकि आरोपी के वकील ने इसे मामले के गुण-दोष से अलग चरित्र पर आधारित दलील बताया. कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आपराधिक दायित्व नहीं बनता, ऐसे में कार्यवाही जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए चार्जशीट और पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की बंधक याचिका को खारिज करने का इशारा किया, सुनवाई सोमवार को
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की बंधक याचिका को खारिज करने का इशारा किया, सुनवाई सोमवार को

इंडिया गठबंधन की बैठक में प्रमुख फैसले, पर कई मुख्य विपक्षी नेता अनुपस्थित
अपराध

इंडिया गठबंधन की बैठक में प्रमुख फैसले, पर कई मुख्य विपक्षी नेता अनुपस्थित

दिल्ली के मंगोलपुरि में SIR ऑडिट में आधिकारिक रिकॉर्ड और वास्तविकता में बेमेल
अपराध

दिल्ली के मंगोलपुरि में SIR ऑडिट में आधिकारिक रिकॉर्ड और वास्तविकता में बेमेल

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की ‘अज्ञात’ FIR पर की तीखी फटकार, आरोपी को मौके पर पकड़े जाने के बाद भी नाम नहीं लिखा गया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस की ‘अज्ञात’ FIR पर की तीखी फटकार, आरोपी को मौके पर पकड़े जाने के बाद भी नाम नहीं लिखा गया

गुजरात हाईकोर्ट ने असरम को 20‑दिन की अस्थायी जमानत नहीं दी, वीडियो कॉल की सुविधा दी
अपराध

गुजरात हाईकोर्ट ने असरम को 20‑दिन की अस्थायी जमानत नहीं दी, वीडियो कॉल की सुविधा दी

गुजरात हाईकोर्ट ने असरम बापू को पत्नी से मिलने के लिए अंतरिम जमानत से इनकार, वीडियो कॉल की अनुमति दी
अपराध

गुजरात हाईकोर्ट ने असरम बापू को पत्नी से मिलने के लिए अंतरिम जमानत से इनकार, वीडियो कॉल की अनुमति दी

दिल्ली की अदालत ने महिला की शालीनता ठेस पहुँचाने वाले टिप्पणी के लिए पुरुष को दंडित किया
अपराध

दिल्ली की अदालत ने महिला की शालीनता ठेस पहुँचाने वाले टिप्पणी के लिए पुरुष को दंडित किया

सुप्रीम कोर्ट सर्वे में उजागर: हर 11 छात्रों में से 1 को आया आत्महत्या का विचार
अपराध

सुप्रीम कोर्ट सर्वे में उजागर: हर 11 छात्रों में से 1 को आया आत्महत्या का विचार

ताज़ा ख़बरें