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सुप्रीम कोर्ट ने किया महत्वपूर्ण निर्णय, नियोक्ता के द्वारा अपनी गलती का फायदा नहीं उठाया जा सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गलत तरीके से किसी न्यायिक अधिकारी को सेवा से हटाने के बाद दोबारा बहाल किया जाता है, तो केवल इस वजह से उसे लाभों से वंचित नहीं कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई नियोक्ता अपनी ही गलत कार्रवाई का फायदा नहीं उठा सकता है।

29 जुलाई 2026 को 08:32 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने किया महत्वपूर्ण निर्णय, नियोक्ता के द्वारा अपनी गलती का फायदा नहीं उठाया जा सकता है

सौजन्य से:- Hindustan

नियोक्ता अपनी ही गलत कार्रवाई का फायदा नहीं उठा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारी को सेवा से हटाने के बाद बहाली पर उसे लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट के आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया कि अभय जैन को 16 जुलाई, 2018 से चयन वेतनमान और 2021 से विशेष उच्च वेतनमान का लाभ मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि गलत तरीके से किसी न्यायिक अधिकारी को सेवा से हटाने के बाद दोबारा बहाल किया जाता है, तो केवल इस वजह से उसे लाभों से वंचित नहीं कर सकते कि उक्त अवधि की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) उपलब्ध नहीं है। शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि कोई नियोक्ता अपनी ही गलत कार्रवाई का फायदा नहीं उठा सकता। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से दायर एक आवेदन पर सुनवाई के दौरान दिया। आवेदन में यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया था कि क्या शीर्ष अदालत के वर्ष 2022 के उस आदेश के तहत, जिसमें राजस्थान के न्यायिक अधिकारी अभय जैन को बहाल किया गया था, उन्हें उच्च वेतनमान का लाभ भी मिलेगा, जबकि सेवा से बाहर रहने के छह वर्षों की अवधि की एसीआर उपलब्ध नहीं है।

अदालत ने फैसला सुनाया कि जैन 16 जुलाई, 2018 से चयन वेतनमान और 16 जुलाई, 2021 से विशेष उच्च वेतनमान के हकदार हैं। इसके साथ ही उन्हें इससे जुड़े अन्य सभी परिणामी लाभ भी दिए जाएंगे।जैन को वर्ष 2013 में न्यायिक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन 2016 में उन्हें सेवा से हटा दिया गया। मार्च 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने सेवा से हटाने का आदेश रद्द कर दिया और उन्हें सेवा में निरंतरता तथा वरिष्ठता के साथ दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। साथ ही, अदालत ने उन्हें 50 प्रतिशत बकाया वेतन देने का आदेश भी दिया।

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