पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए युवाओं ने राष्ट्रपति से कठोर कानून बनाने की मांग की
बागेश्वर के युवा संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की, साथ ही परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रभावित छात्रों को सहायता देने की मांग की।

सौजन्य से:- हिंदुस्तान
पेपर लीक रोकने को सख्त कानून बनाने की मांग
बागेश्वर के युवा संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रभावित छात्रों को सहायता, और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई। युवाओं ने संविधान की गरिमा बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने की अपील की।
देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर बागेश्वर के युवा संगठनों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में युवाओं ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को सहायता व मुआवजा देने, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
युवाओं ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बीते दिनों दिल्ली की सड़कों पर भारत सरकार और दिल्ली पुलिस ने संवैधानिक मर्यादाओं की सभी सीमाएं पार कर दीं। इससे देश और दुनिया में भारतीय संविधान की साख प्रभावित हो रही है। युवाओं ने राष्ट्रपति से संविधान की गरिमा और साख बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर सवाल संगठन के अध्यक्ष रमेश पांडे कृषक, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गोविंद भंडारी, भुवन कांडपाल, मनोज चौहान, विनोद जोशी आदि मौजूद रहे।
इस खबर पर आपकी क्या राय है?
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में जारी रही जांच: क्या जज के इस्तीफे से खत्म हो जाती है जांच?

सुप्रीम कोर्ट में स्थायी संविधान पीठ की ज़रूरत: जस्टिस के.एम. जोसेफ़

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 19 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को कैंसर को सूचित रोग घोषित करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिवारों को मिली सरकारी नौकरी की राह में रुकाावट

सुप्रीम कोर्ट ने संघ के विरोध की आलोचना की, कहा भारत को विकसित देशों के मानकों का साथ देना चाहिए

संविधान पर व्यापक पाठ्यक्रम की शुरुआत

विकृत धारणाओं का खंडन: आस्था और धर्म संबंधी कानून के कार्यान्वयन की सही व्याख्या

राज्य द्वारा क्षतिपूर्ति के लिए दायित्व कानून का ढांचागत कानूनों की भूमिका
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने सौंपी बड़ी राहत, नौकरी के आदेश पर रोक हटाने की मांग की थी
- मध्यस्थता कानून में सुधार: जमीनी स्तर पर मध्यस्थता को लोकतांत्रिक और व्यावहारिक बनाया
- सुप्रीम कोर्ट ने एआई विनियमन की मांग वाली याचिका खारिज की, केंद्र से प्रतिनिधित्व पर विचार करने को कहा
- संविधान पीठ: 29 बड़े मामले लंबे इंतजार के बाद तेजी से निपटेंगे, क्या है इस पर सुप्रीम कोर्ट की योजना?
- कृषि और पर्यावरण कानून में सुधार पर चर्चा
- ट्रंप ने तीसरे कार्यकाल के प्रयासों को कानूनी बाधाओं से जोड़ा, 2028 में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई
- जीतने की इच्छा लेकिन कानूनी बाधाएं: ट्रंप ने 2028 में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई
- देश के सबसे ज्यादा बदले गए 10 कानून, जिन्होंने भारतीय जिंदगी को बदल दिया

