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JPSC PT परीक्षा धांधली मामलाः निष्पक्ष और समयबद्ध CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

JPSC exam scam-उच्चतम न्यायालय में झारखंड सिविल सेवा परीक्षा पीटी परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच संबंधी याचिका पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी। याचिका में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए सीबीआई को पूरे मामले की जिम्मेदारी…

23 अगस्त 2026 को 08:55 am बजे
JPSC PT परीक्षा धांधली मामलाः निष्पक्ष और समयबद्ध CBI जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

सौजन्य से:- Navbharat Times

JPSC exam scam-उच्चतम न्यायालय में झारखंड सिविल सेवा परीक्षा पीटी परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच संबंधी याचिका पर 24 अगस्त को सुनवाई होगी। याचिका में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के लिए सीबीआई को पूरे मामले की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई है।

रांचीः उच्चतम न्यायालय झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से कार्यकर्ता हरिशरण देवगण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर सकती है।

सीआईडी से सीबीआई को जांच सौंपने की मांग

याचिका में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह जनहित याचिका दायर की गई है। इसका उद्देश्य झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा 19 अप्रैल 2026 को विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत आयोजित झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा-2025 की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अदालत के तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध करना है। याचिका में लोक सेवकों और परीक्षा एजेंसियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए मामले की जांच राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) से सीबीआई को सौंपने की मांग की गई है।

प्रश्नपत्रों की छपाई और ओएमआर शीट की जांच का आग्रह

याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मामले को केवल व्यक्तिगत उम्मीदवारों से जुड़े विवाद या धांधली की अलग-अलग घटनाओं के रूप में नहीं देखा जा सकता। आरोपों की जांच में प्रश्नपत्रों की छपाई, कोडिंग, भंडारण, परिवहन और वितरण से लेकर ओएमआर शीट के संग्रह, स्कैनिंग, मूल्यांकन और परीक्षा संबंधी इलेक्ट्रॉनिक आंकड़ों तक पहुंच की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया जाना चाहिए। याचिका में मूल ओएमआर प्रतियों, सीसीटीवी फुटेज और सर्वर के ऑडिट रिकॉर्ड समेत सभी डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है।

स्वतंत्र और समयबद्ध जांच के लिए आग्रह

याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपों या विरोध-प्रदर्शनों के आधार पर परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि पहले स्वतंत्र और समयबद्ध जांच के जरिए गड़बड़ी की प्रकृति और प्रभाव का निष्पक्ष निर्धारण होना चाहिए। इसके बाद वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाना चाहिए कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।

लेखक के बारे मेंरवि सिन्हारवि प्रकाश सिन्हा नवभारत टाइम्स डिजिटल (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूस हैं। वर्तमान में झारखंड और बिहार की टीम में शामिल है। रवि प्रकाश सिन्हा सितंबर, 2022 में नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। वह एनबीटी डिजिटल में बिहार और झारखंड से संबंधित सेक्शन में तथ्य आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं जिससे रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंच सकें।

रवि प्रकाश सिन्हा की प्राथमिकता झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों को बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने की रही है। दोनों राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 25 साल के करियर में रवि प्रकाश सिन्हा को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।

रवि प्रकाश सिन्हा ने अक्टूबर 2000 में भोपाल में न्यूज़ एजेंसी ईएमएस से पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर की शुरुआत की। एक साल बाद उन्होंने ईएमएस के रांची प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारियों की शुरुआत की। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा, जेएमएम, आरजेडी और विभिन्न राजनीतिक दल, झारखंड सचिवालय, सीएम, मंत्रियों और विधानसभा रिपोर्टिंग से लेकर तमाम छोटी-बड़ी और स्पेशल खबरों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया।

इस दौरान झारखंड की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। रवि प्रकाश सिन्हा के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही- आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।

अपने दो दशक के लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित इन डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाने की कोशिश की। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरीफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए हमेशा ऑथेंटिक सोच पर ही भरोसा करते हैं।

झारखंड के छोटे से शहर चतरा में जन्मे और पले-बढ़े रवि प्रकाश सिन्हा ने बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। बाद में विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से B.A. और M.A. की डिग्री हासिल की। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पीजीडीएनएम में एक साल का डिप्लोमा किया। इसके बाद रिपोर्टिंग करते हुए रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी की डिग्री हासिल की।

पत्रकारिता जगत में 25 साल का अनुभव

रवि प्रकाश सिन्हा प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत है। पिछले 25 साल में रवि प्रकाश सिन्हा को कई प्रतिष्ठित अखबारों में अपना स्किल दिखाने का मौका मिला। न्यूज एजेंसी यूएनआई के हिन्दी सर्विस यूनीवार्ता के लिए अप्रैल 2004 से दिसंबर 2005 तक रांची में रिपोर्टिंग करने का अवसर भी मिला। दूरदर्शन रांची और आकाशवाणी केंद्र के प्रादेशिक समाचार एकांश में आकस्मिक सहायक संपादक के रूप में 17 साल का काम करने का अनुभव है। राजस्थान पत्रिका में दिसंबर 2005 से लेकर अप्रैल 2020 तक झारखंड प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने का मौका मिला। इसके बाद जून 2020 से अगस्त 2022 तक एनबीटी डिजिटल के लिए रांची से रिपोर्टर के रूप में भी काम करने का मौका मिला।

इससे पहले उन्होंने करियर की शुरुआत न्यूज एजेंसी एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (ईएमएस) के साथ की। रांची एक्सप्रेस, आज, देशप्राण, आवाज, बिहार ऑब्जर्वर, प्रत्यूष नवबिहार, नव प्रदेश, दबंद हिंद, राष्ट्रीय खबर हमारी नजर, फ्रीडम फाइटर, पंच, मेट्रो रेज, श्वेत पत्र, उत्कल मेल, कोयलांचल संवाद, राष्ट्रीय सागर, राष्ट्रीय नवीन मेल, झारखंड जागरण, चमकता आईना, न्यू इस्पात मेल, संताल एक्सप्रेस, कौमी तंजीम, फारुकी तंजीम, जम्हूरियत टाइम्स, सियासी उफुक, जदीद भारत समेत कई अन्य हिन्दी और उर्दू अन्य समाचार पत्रों और वेबपोर्टल के लिए लंबे समय तक स्वतंत्र रूप से लेखन। पत्रकारिता की शुरुआत के बाद 2001 से झारखंड की राजधानी रांची कर्म स्थल। सामाजिक और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि। पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन और चाहत।

पुस्तक लेखन

झारखंड विधानसभा, रांची के सहयोग से बिहार-झारखंड के सांसदों की जीवनी से संबंधित दो पुस्तकों (संसदीय राजनीतिक कोश, भाग-1 और भाग-2)के लेखन में समन्वयक की भूमिका

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2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव, 2009, 2014, 2019 और 2024 के झारखंड विधानसभा और लोकसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।

2024 में बिहार लोकसभा चुनाव और 2025 विधानसभा चुनावों की स्पेशल कवरेज।... और पढ़ें

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