होम›अपराध›पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न कानून के तहत जांच के लिए कहा
अपराध

पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न कानून के तहत जांच के लिए कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद को यौन उत्पीड़न कानून के तहत जांच के लिए कहा है, जिसमें पति ने पत्नी को अभद्र भाषा का प्रयोग किया था और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

14 अगस्त 2026 को 10:56 am बजे
पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न कानून के तहत जांच के लिए कहा

सौजन्य से:- ईटीवी भारत

एक ही दफ़्तर में काम कर रहे पति-पत्नी का वैवाहिक विवाद यौन उत्पीड़न क़ानून के दायरे में आ सकता ? HC करेगी जांच

9 अक्टूबर 2024 को कार्यालय परिसर में पति और एक अन्य सहकर्मी ने पत्नी कि मौजूदगी में अभद्र भाषा का प्रयोग किया था.

ई. टी. वी. भारत उत्तर प्रदेश टीम द्वारा

प्रकाशित : अगस्त 14, 2026 ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. 3:54 अपराह्न भारतीय समय

|अद्यतन : अगस्त 14, 2026 ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. ए. 6:24 अपराह्न भारतीय समय

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के सामने एक बेहद अनूठा और गंभीर कानूनी सवाल खड़ा हो गया है, क्या पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी वैवाहिक विवाद और दफ्तर में हुई कहासुनी को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न कानून के तहत लाया जा सकता है. इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ शुरू की गई विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई और जारी चार्जशीट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है.

मामला एक ऐसे दंपति से जुड़ा है, जो एक ही कार्यालय में कार्यरत हैं. मार्च 2023 में शादी के बाद से ही दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई. पत्नी का आरोप है कि 9 अक्टूबर 2024 को कार्यालय परिसर में उसके पति और एक अन्य सहकर्मी ने उसकी मौजूदगी में अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपमानजनक टिप्पणियां कीं.

पत्नी की शिकायत पर कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति ने मामले की जांच की और पति के व्यवहार को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 के तहत दोषी माना. इसके आधार पर पति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई. हालांकि, सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि पत्नी ने समिति को दी गई अपनी शिकायत में यह बात पूरी तरह छुपा ली थी कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उसका अपना पति है.

पति की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि 28 दिसंबर 2024 को पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट की एफआईआर भी दर्ज कराई थी. पति का कहना है कि पूरा मामला शुद्ध रूप से आपसी वैवाहिक मतभेद और घरेलू विवाद का है. इसे जानबूझकर दफ्तर के यौन उत्पीड़न कानून के तहत घसीटकर उसे प्रताड़ित करने का आधार बनाया गया है.

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह विचार करना बेहद आवश्यक है कि जिस घटना की जड़ें वैवाहिक विवाद में हों, क्या उसे कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून के दायरे में लाया जा सकता है. अदालत ने अपने टिप्पणी में कहा, यह कानून महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल देने के लिए बनाया गया है और इसके दुरुपयोग की जांच होना जरूरी है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक ही दफ्तर में काम करने वाले पति-पत्नी के वैवाहिक विवाद में यौन उत्पीड़न कानून के तहत पति पर की जा रही विभागीय कार्रवाई पर रोक लगा दी है.

ये भी पढ़ें: "गलत आदेश कर रहे जिला विद्यालय निरीक्षक", निदेशक माध्यमिक शिक्षा को हाजिर होने का निर्देश

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा
अपराध

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खड़गे ट्रस्ट मामले में लोकायुक्त से जवाब मांगा

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म
अपराध

बाल मजदूरी पर दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त रुख, आपसी समझौते से नहीं हो सकता मामला खत्म

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद
अपराध

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने बच्चों के साथ पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की! जानें किन मामलों ने जोड़े खाद

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल
अपराध

पुलिस की लापरवाही: गंभीर अपराध के आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती भूमि पूलिंग मामले को रद्द करने को बरकरार रखा

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई
अपराध

न्यायमूर्ति सूर्यकांत के विरोध के लिए एन. ए. एल. एस. ए. आर. छात्रों के खिलाफ भारी कार्रवाई

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की
अपराध

व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना को पुनर्जीवित करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने जारी की न्यायिक भाषा की हैंडबुक, अब यौन अपराधों में संवेदनशीलता पर जोर

ताज़ा ख़बरें