कॉमेडियन समय रैना को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट बंद कर दी FIR
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना और अन्य 4 लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। ये मामला उनके एक कॉमेडी शो में दिव्यांग लोगों के बारे में असंवेदनशील टिप्पणियों पर दर्ज किया गया था।

सौजन्य से:- एबीपी न्यूज़
कॉमेडियन समय रैना को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की FIR
दिव्यांग लोगों के बारे में असंवेदनशील मजाक के मामले में स्टैंड अप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत 5 लोगों के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट से कॉमेडियन समय रैना को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इंडियाज गॉट लेटेंट पर विकलांग व्यक्तियों के संबंध में की गई विवादास्पद और असंवेदनशील टिप्पणियों पर रैना और चार अन्य के खिलाफ सभी एफआईआर रद्द कर दी है.
कोर्ट ने यह आदेश तब दिया जब याचिकाकर्ता एनजीओ ने बताया कि यह कॉमेडियन अब उनके संपर्क में हैं और एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी) से ग्रस्त लोगों की उपलब्धियों के बारे में प्रचार करने को तैयार हैं. कोर्ट ने कहा कि एसएमए पीड़ितों की सहायता के लिए सरकार को निर्देश देने को लेकर वह सुनवाई जारी रखेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि समय रैना और अन्य लोगों ने दिव्यांग लोगों (भिन्न रूप से सक्षम) के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने और फंड इकट्ठा करने की कोशिशें की थी. कोर्ट ने आदेश में कहा है कि जब सच्ची कोशिशें होती है, तो अच्छे नतीजे जरूर मिलते हैं. वे बहुत होनहार युवा है. अगर उन्होंने सही दिशा में काम करना शुरू किया है, तो नतीजा भी अच्छा ही होगा.
इसके अलावा बेंच ने कहा है कि वह इस मामले में आगे भी सुनवाई करेगी, ताकि दिव्यांग लोगों से सुझाव लिए जा सकें, कि ऐसे कंटेंट पर बेहतर निगरानी कैसे रखी जाए और उसी के मुताबिक, निर्देश कैसे तैयार किए जाएं. बेंच ने कहा है कि प्रतिवादी 6-10 (आरोपी कॉमेडियन) से जुडा़ मामला बंद किया जाता है. सभी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है. इससे जुड़ी बाकी सभी कार्यवाही खत्म की जाती है. बड़े मुद्दे पर निर्देश जारी करने के लिए मामले को लिस्ट किया जाएगा.
बता दें, इंडियाज गॉट लेटेंट का यह एपिसोड 14 नवंबर 2024 को मुंबई के खार हैबिटैट में शूट किया गया था. बाद में इसे प्रसारित किया गया. शो में शामिल कई इन्फ्लुएंसर और कॉमेडियन पर दिव्यांग लोगों के खिलाफ असंवेदनशील टिप्पणी करने के लिए कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे.
रणवीर इलाहबादिया की याचिका लंबित
इधर, पूरे मामले में यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया की याचिका लंबित रखी गई है. उनपर अपमानजनक टिप्पणी के लिए जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया था, उनमें वह भी शामिल थे. इनका यूट्यूब चैनल बीयर बाइसेप्स के नाम से जाना जाता है. उनके खिलाफ दर्ज मामलों में राहत पाने के लिए याचिका अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी.
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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