इलाहाबाद HC ने झारखंड पुलिस के एक्शन पर रोक लगाया, विपिन गुप्ता को बैंक खातों का इस्तेमाल करने की दी इजाजत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विपिन गुप्ता को झारखंड साइबर पुलिस के कार्यवाही पर राहत दी है, जिन्होंने 25 हजार रुपये के संदिग्ध लेन-देन के कारण बैंक खाते फ्रीज कराए थे। अदालत ने बताया कि विवादित राशि कभी भी याची के खाते में नहीं आई।

सौजन्य से:- Jagran
अकाउंट फ्रीज मामले में इलाहाबाद HC का फैसला: झारखंड पुलिस के एक्शन पर रोक, बैंक खातों के इस्तेमाल की दी इजाजत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विपिन गुप्ता को झारखंड साइबर पुलिस द्वारा फ्रीज किए गए बैंक खातों के मामले में राहत दी है। ...और पढ़ें
HighLights
- हाई कोर्ट ने फ्रीज बैंक खातों पर रोक हटाई।
- विवादित 25 हजार रुपये कभी खाते में नहीं आए।
- याची विपिन गुप्ता को खातों के संचालन की अनुमति।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। झारखंड साइबर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये के संदिग्ध लेन-देन का हवाला देकर बैंक खाते फ्रीज कराए जाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याची विपिन गुप्ता को राहत दी है।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने प्रथमदृष्टया टिप्पणी की कि पुलिस द्वारा याची के बैंक खातों को फ्रीज कराने का कोई पर्याप्त आधार दिखाई नहीं देता। बैंक की ओर से भी स्पष्ट किया गया कि विवादित 25 हजार रुपये किसी भी बैंक खाते में कभी जमा नहीं हुई।
मामला प्रयागराज में करेली स्थित केनरा बैंक की जीटीबी नगर शाखा में संचालित याची के सेविंग बैंक अकाउंट व करेंट अकाउंट से संबंधित है। पूर्वी सिंहभूमि जमशेदपुर की साइबर अपराध थाना पुलिस के निर्देश पर बैंक ने याची के दोनों खातों को फ्रीज कर दिया था।
याची के अधिवक्ता नीतीश कुमार सोनी ने दलील दी कि जिस 25 हजार रुपये की राशि को अपराध की आय बताते हुए बैंक खातों पर कार्रवाई की गई, वह राशि किसी भी बैंक खाते में कभी जमा ही नहीं हुई। साथ ही पुलिस के दस्तावेजों में उल्लिखित संबंधित पेटीएम खाते, मोबाइल फोन नंबर और केवाईसी विवरण भी याची से संबंधित नहीं हैं।
केनरा बैंक के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि पुलिस के निर्देश के अनुपालन में खातों को फ्रीज किया गया था, लेकिन बैंक रिकार्ड के सत्यापन से यह स्पष्ट हुआ कि 25 हजार की विवादित राशि न तो याची के सेविंग बैंक अकाउंट में जमा हुई और न ही करेंट अकाउंट में।
खबरें और भी
बैंक के इस बयान के बाद अदालत ने खातों को फ्रीज करने संबंधी आदेशों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए याची को अपने दोनों बैंक खातों का संचालन करने की अनुमति प्रदान की है।
निर्देश दिया है कि बैंक याची के सेविंग बैंक अकाउंट में केवल 25 हजार रुपये की राशि होल्ड रखेगा। इसके अतिरिक्त दोनों खातों की शेष राशि व नियमित बैंकिंग लेन-देन पर कोई रोक नहीं रहेगी। न्यायालय ने सभी संबंधित पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। प्रकरण में अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
भारत में शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने बुलाया विरोध प्रदर्शन

दिल्ली उच्च न्यायालय ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का आरोप लगाने वाली जनहित याचिकाओं पर पुलिस से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE के डिजिटल मार्किंग सिस्टम से छात्रों की निराशा पर चिंता जताई

महागठबंधन ने की रोहतास में बंटी और संजय हत्याकांड के खिलाफ विरोध में कैंडल मार्च

सुप्रीम कोर्ट की जांच एजेंसियों को सलाह: सजा दिलाने पर ध्यान दें

कटारिया का दावा: 2027 में संभल सीट पर भाजपा की जीत

13 विधेयकों के साथ बिहार विधानसभा ने तोड़ा रिकॉर्ड, अंग्रेजों के जमाने के कानून बदले

जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में नौकरी घोटाले में पूर्व पुलिसकर्मी पर आरोपपत्र दाखिल
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: जमानत तभी रद्द होगी जब न्याय प्रशासन में बाधा डाले
- दिल्ली उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 'कॉकरोच जनता पार्टी' की याचिका पर सुनवाई से इनकार
- सीजीपी संसद चलो मार्च पर दिल्ली हाईकोर्ट में मासूम लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के विवादित आरोप
- दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए सोनम वांगचुक के मामले में FIR दर्ज करने के निर्देश
- दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस क्रूरता याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी कियाः सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को कहा गया है
- बेंगलुरु ट्रिपल मर्डर: AI का दुरुपयोग और कानूनी वितंडा | अपराधी कौन?
- बिहार के विधायक ने दी चकमा देकर अपनी उपस्थिति से विधानसभा में हड़कंप!

