सुप्रीम कोर्ट में 'झूठी' याचिका: मीडिया रिपोर्ट्स का CJI सूर्यकांत ने किया खंडन
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका को सूचीबद्ध करने से इनकार करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का खुलकर खंडन किया, कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत, गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण हैं।

सौजन्य से:- Jansatta
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका को सूचीबद्ध (लिस्ट) करने से इनकार करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का शुक्रवार को खुलकर खंडन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत, गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण हैं।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि सुबह 10 बजे तक अदालत के समक्ष इस मामले से जुड़ा एक भी पन्ना दाखिल नहीं हुआ था।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि केवल एक प्रतिनिधित्व (Representation) भेजा गया था जिसे किसी व्यक्ति ने भेजा था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ”मैं एक प्रतिनिधित्व को रिट याचिका कैसे मान सकता हूं?”
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CJI ने मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों से यह झूठा प्रचार किया गया कि उन्होंने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्य जांचे इस तरह की खबरें चलाना गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाहीपूर्ण पत्रकारिता है।
जंतर-मंतर के पास इंटरनेट बंदी पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
जंतर-मंतर स्थित धरना स्थल के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार (24 जुलाई 2026) दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामले का मेंशन करते हुए आज ही तत्काल सुनवाई की मांग की जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का निर्देश दिया गया था।
याचिकाकर्ता ने इंटरनेट बंदी के साथ-साथ प्रदर्शन स्थलों के आसपास लगाए गए प्रतिबंधों को भी चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि यह आदेश जारी युवा प्रदर्शनों के दौरान लागू किया गया जिससे प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के संचार के अधिकार पर असर पड़ा।
CJP प्रदर्शनकारियों के पासपोर्ट होंगे रद्द?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल लोगों के पासपोर्ट रद्द किए जाने की खबरें आईं। अब इन वायरल खबरों पर दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को सफाई जारी की है और इन्हें पूरी तरह भ्रामक बताया है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि CJP प्रदर्शनकारियों के पासपोर्ट रद्द करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों का खंडन करते हुए डीसीपी न्यू दिल्ली ने कहा कि नागरिक केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
दिल्ली पुलिस ने 480 सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 480 ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की है, जिनको पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इन सभी हैंडलों को ब्लॉक कर दिया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये हैंडल समन्वित दुष्प्रचार (coordinated misinformation campaigns) चला रहे थे और अफवाहें तथा झूठे दावे फैलाकर छात्रों और युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। पुलिस का कहना है कि बिना पुष्टि के अफवाहें फैलाने से भ्रम और सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है।
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