सुप्रीम कोर्ट ने क्लास 6 को दी तीसरी भाषा परीक्षा से छूट, CBSE की नीति में विस्तार
अदालत ने निर्देश दिया कि कक्षा 7 को दी गई तीसरी भाषा से छूट को कक्षा 6 तक भी बढ़ाया जाए, जिससे इन छात्रों को बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा पढ़ाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। कोर्ट ने CBSE को चार हफ्ते में जवाब देने और दो हफ्ते में कोई आपत्ति प्रस्तुत करने का समय सीमा भी तय की।

सौजन्य से:- Jagran
CBSE तीन भाषा नीति पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: क्लास 6 के बच्चों को राहत, नहीं देनी होगी बोर्ड परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और CBSE को निर्देश दिया है कि कक्षा 7 के छात्रों को मिली तीन-भाषा फ्रेमवर्क से ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 6 के छात्रों को राहत प्रदान की।
- तीसरी भाषा बोर्ड परीक्षा से मिलेगी कक्षा 6 को छूट।
- कक्षा 7 के छात्रों के समान ही छूट अब कक्षा 6 को।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) से कहा कि वे क्लास 7 के छात्रों को तीन-भाषा वाले फ्रेमवर्क से जो छूट दी गई है, उसे मौजूदा क्लास 6 के छात्रों तक भी बढ़ाने पर विचार करें।
17 सिंतबर को शीर्ष अदालत ने CBSE से कहा था कि वह क्लास 6 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ने की नीति को 2027 से शुरू होने वाले अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने पर विचार करे।
CBSE के 29 जून के बयान के अनुसार, क्लास 7, 8 और 9 में पढ़ रहे मौजूदा बैच के छात्रों को क्लास 10 में पहुंचने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी।
'क्लास 6 के छात्रों को भी वही छूट दें जो क्लास 7,8, 9 के छात्रों को दी गई'
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने केंद्र और CBSE की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि वे इस साल क्लास 6 के छात्रों को भी वही छूट दें जो क्लास 7,8, और 9 के छात्रों को दी गई है।
बेंच ने अपने आदेश में कहा, 'सॉलिसिटर जनरल ने बताया है कि लगभग 99 प्रतिशत स्कूलों ने तीसरी भाषा नीति को अपना लिया है और उन्हें ज़रूरी सुविधाएं दी गई हैं, और केवल लगभग 1.2 प्रतिशत स्कूलों ने ऐसा नहीं किया है। इसे देखते हुए, हम निर्देश देते हैं कि क्लास 6 के छात्रों को भी, क्लास 7 के छात्रों की तरह, वही छूट दी जाए जो क्लास 7 के छात्रों को दी गई है।'
चार हफ्ते में जवाब दाखिल करे CBSE- कोर्ट
कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए छह हफ्ते बाद की तारीख तय की और CBSE से कहा कि वह चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करे और जवाब दाखिल होने के दो हफ्ते के भीतर कोई जवाबी दलील हो तो वह भी दाखिल करे।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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