सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों के भत्ते‑पेंशन कमेटी का नेतृत्व पूर्व मुख्य न्यायाधीश को दें, सुप्रीम कोर्ट ने कहा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से अनुरोध किया कि रिटायर हाई कोर्ट जजों के ड्राइवर, सुरक्षा और आवास जैसी सुविधाओं के लिये एकसमान राष्ट्रीय नीति तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष के रूप में किसी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को नियुक्त किया जाये। प्रधान न्यायाधीश ने इस सुझाव पर सहमति जताई और केंद्र को 28 सितंबर तक अपनी योजना प्रस्तुत करने का अतिरिक्त समय दिया। यह मुद्दा अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान चर्चा में आया।

सौजन्य से:- Jagran
'पूर्व मुख्य न्यायाधीश संभालें कमान', रिटायर्ड जजों के भत्तों और पेंशन से जुड़ी कमेटी पर सुप्रीम अदालत का सख्त रुख
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से कहा कि वह पूर्व हाई कोर्ट जजों के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले ...और पढ़ें
HighLights
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा सेवानिवृत्ति लाभ कमेटी के प्रमुख हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश हों
- पीठ ने 20 अगस्त को केंद्र को समिति गठित करने के लिए एक और सप्ताह का समय दिया था
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र से कहा कि वह पूर्व हाई कोर्ट जजों के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदा जैसे ड्राइवर, सुरक्षा और सरकारी आवास, के लिए एक जैसी राष्ट्रीय नीति बनाने वाली कमेटी के प्रमुख के तौर पर किसी हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर विचार करे।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सरकार ने अदालत के पहले के निर्देश के अनुपालन में एक समिति गठित करने का फैसला किया है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मेरा मानना है कि समिति की अध्यक्षता किसी हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को करनी चाहिए। सालिसिटर जनरल ने इस सुझाव पर सहमति जताई और कहा कि सरकार 28 सितंबर को पीठ के समक्ष इस संबंध में जानकारी देगी।
पीठ ने 20 अगस्त को केंद्र को समिति गठित करने के लिए एक और सप्ताह का समय दिया था। पीठ, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज के संघ के अध्यक्ष जस्टिस वी. एस. दवे द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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