तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन हेतु अधिवक्ताओं से सहयोग का आग्रह
10 अक्टूबर को आयोजित होने वाले तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिये बीवर में जिला बार संघ के हॉल में बैठक हुई, जिसका नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश हारून ने किया। उन्होंने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया कि वे अपने मुवक्किलों को लोक अदालत के लाभों के बारे में बताएं, अधिक से अधिक प्रकरण इसमें लाएँ और “मीडिएशन: फॉर द नेशन 3.0” अभियान के लिये सक्रिय सहयोग दें।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Bayavar
- Calls For Cooperation From Advocates For The Success Of National Lok Adalat
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज| ब्यावर
10 अक्टूबर को होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर गुरुवार को जिला बार संघ, ब्यावर के हॉल में बैठक हुई। अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ब्यावर के अध्यक्ष हारून ने की। उन्होंने अधिवक्ताओं से कहा कि वे अपने पक्षकारों को लोक अदालत के फायदे बताएं। आपसी समझाइश से मामलों का निस्तारण कराएं। कार्यक्रम में एडीजे-1 विकास सिंह चौधरी, एडीजे-3 विजय प्रकाश सोनी ने भी अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक प्रकरण लोक अदालत में लाने को कहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सोनल पारीख ने राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ “मीडिएशन: फॉर द नेशन 3.0” अभियान की सफलता के लिए अधिवक्ताओं के सक्रिय सहयोग को जरूरी बताया। एडीजे-2 गिरिजा भारद्वाज, सीजेएम अनिता शर्मा सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। जिला बार संघ के सचिव श्याम प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञानचंद गदिया, नरपत सिंह, भरत सांखला, जयप्रकाश , ऋषिराज चौहान, हेमंत चंदेल, प्रवीण जैन, तुषार दुबे, नरेंद्र शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में जोजरी‑बांडी‑लूणी नदी के किनारे अवैध उद्योगों की जाँच और स्थलांतरण का आदेश दिया

झारखंड के डीजीपी नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट ने 'प्रकाश सिंह' निर्णय के विरुद्ध बताया

सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की अपील पर सुनवाई टल गई, फाइल देर से पहुँची

सवाई माधोपुर में 10 अक्टूबर को तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के DGP नियुक्ति नियमों पर सवाल उठाया, तदाशा मिश्रा की नियुक्ति पर भी असर

पंजाब में 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव रद्द, हाई कोर्ट की निगरानी में नई प्रक्रिया लागू

स्थायी लोक अदालत के वेतन पर याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने NALSA को समीक्षा का निर्देश दिया

दो साल से अधिक पुरानी जन्म‑मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अब अदालत की मंजूरी अनिवार्य
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने पंजीकरण बाधा के कारण पाटियाला और मोघा के 50 नगरपालिका वार्डों के चुनाव रद्द किए
- सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, लोधी‑युग की इमारत को गौशाला व कचरा डंपिंग स्थल बनते देखा
- सुप्रीम कोर्ट ने SMA उपचार फंड की स्थापना और दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास केंद्रों की राज्यवार जानकारी की मांग की
- आलाहाबाद हाई कोर्ट ने लंबित मामलों के निपटारे हेतु मध्यस्थता अभियान शुरू, दिसंबर तक जारी
- दिल्ली हाई कोर्ट ने यू.एस. नागरिक की वीज़ा अस्वीकृति को बरकरार रखा, जिन पर यौन अपराध का दोष सिद्ध
- सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला‑मोगा के 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव रद्द कर छह हफ्ते में नई मतदान प्रक्रिया का आदेश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्डों में नई चुनावी प्रक्रिया का आदेश, नामांकन में व्यापक अड़चन की पुष्टि
- सुप्रीम कोर्ट ने फ़ॉर्म‑6 पर टिप्पणी की, चुनाव आयोग पर उठे सवाल

