लोक अदालत में 38 मामलों का निस्तारण, 14 लाख 56 हजार रुपये का समझौता
वैशाली के हाजीपुर में शनिवार को एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 38 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 14 लाख 56 हजार रुपये का समझौता हुआ।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Vaishali
- Hajipur
- Lok Adalat: 38 Cases Decided
लोक अदालत ः 38 मामलों पर निर्णय
- कॉपी लिंक
सिटी रिपोर्टर| हाजीपुर
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय, हाजीपुर (वैशाली) में एनआई एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) से संबंधित मामलों के सफल निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष हर्षित सिंह ने किया। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सिंह, दिलीप कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सह अवर न्यायाधीश रितु कुमारी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. राजेश कुमार, अवर न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार, प्रमोद कुमार, सोनू कुमार, रंजन कुमार सिंह, शिव श्रुतिका तथा न्यायिक दंडाधिकारी विकास कुमार, अतुल्या स्तुति और सूरज कुमार चौधरी सहित न्यायिक पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
तीन बेंच के माध्यम से 38 मामलों का हुआ निस्तारण एनआई एक्ट से संबंधित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए तीन विशेष बेंचों का गठन किया गया। इनमें अवर न्यायाधीश शिव श्रुतिका तथा न्यायिक दंडाधिकारी अतुल्या स्तुति एवं सूरज कुमार चौधरी की बेंचों ने पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया। विशेष लोक अदालत के लिए कुल 1,630 मामलों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 38 मामलों का सफलतापूर्वक समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 14 लाख 56 हजार रुपये (₹14,56,000) की राशि पर समझौता हुआ।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने चीनी‑एथेनॉल मुआवजा दावों के 103.4 अरब रियाल के मुद्दे को पूर्ण पीठ तक पहुँचाया
- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम, न्यायिक आयोग बनाकर ध्वस्तीकरण का आदेश
- मोदी सरकार ने OBC ‘क्रीमी लेयर’ नियम लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो साल की रियायत माँगी
- अंतर्राष्ट्रीय कानून की स्नातक ने नौकरी छोड़कर सब्जी विक्रय में रोज़ 200 किग्रा बेचना शुरू किया
- केन्द्र सरकार ने OBC क्रीमी लेयर नियम लागू करने के लिए दो साल की राहत की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों में 12 जजों को स्थायी पद दिलवाया
- शरई अदालत में बढ़ते तलाक‑नफका के केस, हर महीने 30 मामले, काउंसलिंग से समाधान
- LiveLaw ने लॉन्च किया ‘ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट’ – न्यायिक अपडेट अब तुरंत

