होमफैसलेशास्त्रीनगर की महिलाएं मनसा देवी मंदिर पहुंचीं, मकानों की सुरक्षा के लिए की प्रार्थना
फैसले

शास्त्रीनगर की महिलाएं मनसा देवी मंदिर पहुंचीं, मकानों की सुरक्षा के लिए की प्रार्थना

शास्त्रीनगर में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में तीन महीने से चल रहे प्रदर्शन के बीच महिलाएं मनसा देवी मंदिर पहुंचीं, परिवार और मकानों को बचाने की प्रार्थना की। सुप्रीम कोर्ट में दो दिन बाद सुनवाई होनी है, लोगों को न्यायपालिका से राहत मिलने की उम्मीद है।

12 जुलाई 2026 को 04:13 pm बजे
शास्त्रीनगर की महिलाएं मनसा देवी मंदिर पहुंचीं, मकानों की सुरक्षा के लिए की प्रार्थना

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Meerut

- Shastrinagar Setback Protest | 3 Months On, Supreme Court Hearing Next

मकान बचाने की गुहार लेकर मनसा देवी पहुंचीं महिलाएं:शास्त्रीनगर में 3 महीने से सेटबैक के विरोध में प्रदर्शन; 2 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

- कॉपी लिंक

मेरठ के शास्त्री नगर क्षेत्र में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में पिछले तीन महीनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच रविवार शाम लगभग 6 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं मनसा देवी मंदिर पहुंचीं। महिलाओं ने परिवार और मकानों को बचाने की प्रार्थना करते हुए कहा कि वे अपने

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि यदि कार्रवाई होती है तो सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मानवीय आधार पर समाधान निकालने की मांग की। महिलाओं ने कहा कि वर्षों से बसे लोगों को बेघर करना उचित नहीं है और उनकी बात को अदालत तथा सरकार दोनों के सामने मजबूती से रखा जाना चाहिए।

3 महीने से जारी है विरोध

शास्त्री नगर में सेटबैक के मुद्दे पर स्थानीय लोग पिछले करीब तीन महीने से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कई बार प्रदर्शन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात भी की जा चुकी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों और मांगों पर अब तक संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर

मामले की सुनवाई दो दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में होनी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद के साथ रविवार को महिलाओं ने मनसा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने मकानों की सुरक्षा की कामना की।

धरने पर पिछले दो दिन से महिलाएं अब वही चूल्हा जलाकर खाना भी बनती है । बीते दिन उन्होंने रोटी चटनी बनाई तो आज महिलाओं ने धरना स्थल पर ही चूल्हा जलाकर चाय भी बनाई। उनका कहना है कि घर व्यापार सब छिन गया है अब वह इसी हालत में पहुंच गए हैं कि इसी प्रकार सड़क किनारे चूल्हा जलाकर अपने परिवार को पालेंगे।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
तृणमूल कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई: ऋतब्रत बनर्जी ने फिर से दावा किया, खुद को बताया असली पार्टी
फैसले

तृणमूल कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई: ऋतब्रत बनर्जी ने फिर से दावा किया, खुद को बताया असली पार्टी

ज्ञानवापी विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, हिंदू-मुस्लिम पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता
फैसले

ज्ञानवापी विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, हिंदू-मुस्लिम पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता

तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत गुट को अदालत की बड़ी राहत
फैसले

तृणमूल कांग्रेस में ऋतब्रत गुट को अदालत की बड़ी राहत

क्या बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर का हक है? सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समझिए पूरी बात
फैसले

क्या बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर का हक है? सुप्रीम कोर्ट के फैसले से समझिए पूरी बात

न्घे आन प्रांत में लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों के लिए क्रांति
फैसले

न्घे आन प्रांत में लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों के लिए क्रांति

उपभोक्ता अदालत ने दिया डंडा, हॉलिडे कंपनी को ₹1.50 लाख लौटाने का आदेश
फैसले

उपभोक्ता अदालत ने दिया डंडा, हॉलिडे कंपनी को ₹1.50 लाख लौटाने का आदेश

विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजी मजबूत नहीं: सहायक कोच
फैसले

विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजी मजबूत नहीं: सहायक कोच

बिहार के भोजपुर जिले में विशेष लोक अदालत की तैयारी तेज
फैसले

बिहार के भोजपुर जिले में विशेष लोक अदालत की तैयारी तेज

ताज़ा ख़बरें