बंगाल में सोमवार से गुंडादमन कानून, 12 महीने तक बिना मुकदमे हिरासत में रहेंगे
पश्चिम बंगाल में सोमवार से गुंडादमन कानून लागू हो जाएगा, जिसमें असामाजिक तत्वों को बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखने का प्रावधान है। इसके तहत गैर-जमानती अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और संपत्ति जब्त की जाएगी।

सौजन्य से:- Jagran
बंगाल में सोमवार से लागू हो जाएगा गुंडादमन कानून, बिना मुकदमे 12 महीने तक हिरासत में रखने का कड़ा प्रावधान
पश्चिम बंगाल में सोमवार से गुंडादमन कानून लागू हो जाएगा, जिसमें असामाजिक तत्वों को बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखने का प्रावधान है। ...और पढ़ें
HighLights
- बंगाल में सोमवार से गुंडादमन कानून लागू।
- बिना मुकदमे 12 महीने तक हिरासत का प्रावधान।
- संपत्ति जब्ती, गैर-जमानती अपराधों पर कड़ी कार्रवाई।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा से हाल में पारित गुंडादमन कानून सोमवार से पूरे राज्य में लागू हो जाएगा। असामाजिक गतिविधयों व गुंडों पर अंकुश लगाने के लिए बीते 29 जून को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में दो अहम बिल- पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असमाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026 यानी गुंडा नियंत्रण कानून एवं पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था अनुरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया था।
इसका उद्देश्य दंगों और अन्य तरह की हिंसा की रोकथाम करना है। दोनों विधेयकों को हाल में राज्यपाल आरएन रवि ने मंजूरी दे दी। जिसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के दौरे के दौरान घोषणा की थी कि सोमवार से यह दोनों कानून राज्य में लागू हो जाएगा।
लोक सुरक्षा एवं असमाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि ऐसे आरोपितों (असामाजिक तत्वों) को बिना मुकदमा चलाए अधिकतम 12 महीने तक एहतियाती हिरासत में रखा जा सकेगा।
भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और गुजरात मॉडल पर बनाए गए इस कानून के तहत राज्य सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का अधिकार मिलेगा, जिन्हें संगठित हिंसा, दंगा, तोड़फोड़ या अन्य असामाजिक गतिविधियों में शामिल माना जाएगा। इस कानून के तहत सार्वजनिक या निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों को केवल जेल हीं नहीं भेजा जाएगा, बल्कि मुआवजा भी वसूला जाएगा और उनकी चल-अचल संपत्तियां भी जब्त की जाएगी।
इस कानून के तहत दर्ज सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि पुलिस बिना वारंट के ही गिरफ्तारी कर सकेगी और आरोपितों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। इस कानून के तहत प्रशासन को अधिकार होगा कि वह किसी भी संदिग्ध शख्स की तलाशी ले, उसके दस्तावेज और संपत्ति जब्त करे और अपराध से जुड़ी चल-अचल संपत्ति को कुर्क या जब्त करे।
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प्राचीन रथयात्राओं को आज आर्थिक सहायता प्रदान करेगी बंगाल सरकार
इधर, बंगाल की नई भाजपा सरकार आर्थिक तंगी के कारण सीमित स्तर पर आयोजित होने वाली 100 से 150 वर्ष या उससे अधिक पुरानी रथयात्रा समितियों को आर्थिक सहायता देने जा रही है। सोमवार दोपहर में राज्य सचिवालय नवान्न सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी राज्यभर से चयनित रथ यात्रा समितियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे।
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