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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर मतदाता हटाव को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकृत किया

विधायी अदालत ने दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की चुनौती पर सुनवाई का आश्वासन दिया। याचिका में निर्वाचन आयोग द्वारा 'लॉजिकल विसंगतियों' व 'अनमैप्ड' कारणों से किए गए कटौतियों के मानदंडों के खुलासे की मांग की गई है, जिसमें अतिरिक्त 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने का भी दावा है। कोर्ट ने इस मामले के साथ ही लंबित अन्य याचिकाओं की भी उसी दिन सुनवाई तय की।

17 सितंबर 2026 को 02:05 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर मतदाता हटाव को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकृत किया

सौजन्य से:- Hindustan

दिल्ली एसआईआर संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिका में कहा गया कि निर्वाचन आयोग ने लॉजिकल विसंगतियों के आधार पर 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए हैं। न्यायालय ने इस पर सोमवार को सुनवाई का आश्वासन दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया कि भारत के निर्वाचन आयोग और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं को लॉजिकल विसंगतियों के नाम पर नोटिस भेजे गए हैं या जा रहे हैं, उनके नाम और नोटिस जारी करने के कारणों का खुलासा नहीं किया है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने याचिका का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई करने का आग्रह किया।

उन्होंने पीठ से कहा कि दिल्ली में एसआईआर के दौरान मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए 47 लाख लोगों के अलावा, कथित तौर पर 33 लाख और मतदाताओं को ‘लॉजिकल विसंगतियों’ और ‘अनमैप्ड’ होने जैसे आधारों पर नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर सीजेआई ने याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि एसआईआर के खिलाफ पहले से लंबित अन्य याचिकाओं पर उसी दिन सुनवाई सुनिश्चित है।सामाजिक कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज और अमृता जौहरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली में बड़े पैमाने पर लोगों के नाम हटाए जाने को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने याचिका में निर्वाचन आयोग को लॉजिकल विसंगतियों की श्रेणी में मतदाताओं के वर्गीकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मानदंडों, परिभाषाओं, एल्गोरिदम पैरामीटर और ऑपरेशनल गाइडलाइंस का खुलासा करने का आदेश देने की मांग की है। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा जारी किया था, जिसके तहत कुल 1.45 करोड़ मतदाओं वाली वोटर की लिस्ट से 47 लाख लोगों ने नाम हटा दिए गए थे। अब आरोप है कि 47 लाख के अलावा 33 लोगों को लॉजिकल विसंगतियों के नाम पर नोटिस भेजे गए है।

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