निज्जर हत्याकांड का कनाडाई अदालत का बड़ा फैसला, ट्रायल अब 2028 में
कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का ट्रायल अब 2028 में शुरू होने की संभावना है। चारों आरोपितों को ट्रायल शुरू होने तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा।

सौजन्य से:- Jagran
निज्जर हत्याकांड में कनाडा की अदालत का बड़ा फैसला, 2028 में शुरू होगा ट्रायल; हिरासत में ही रहेंगे चारों आरोपी
कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का ट्रायल 2028 में शुरू होने की संभावना है, तब तक चारों आरोपी हिरासत में ही रहेंगे। ...और पढ़ें
HighLights
- निज्जर हत्याकांड का ट्रायल 2028 में शुरू होने की संभावना है।
- चारों आरोपी ट्रायल शुरू होने तक न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
- अगली केस मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 16 जुलाई को न्यू वेस्टमिंस्टर में।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। कनाडा में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में न्यायिक शुरू होने में समय लगेगा। ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस के अनुसार इस बहुचर्चित मामले का ट्रायल अब 2028 में शुरू होने की संभावना है।
फिलहाल अदालत ने केवल प्री-ट्रायल कार्यवाही का कार्यक्रम तय किया है, जो 2028 की शुरुआत तक जारी रहेगा। ऐसे में हत्या के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपितों को ट्रायल शुरू होने तक हिरासत में ही रहना होगा।
ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस की एक्टिंग कम्युनिकेशन काउंसल एन सीमोर ने बताया कि अभी तक ट्रायल की तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि प्री-ट्रायल आवेदनों की सुनवाई 2028 की शुरुआत तक निर्धारित है। मामले में अगली केस मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस 16 जुलाई को न्यू वेस्टमिंस्टर ला कोर्ट में होगी।
इन लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप
मामले में करण बराड़, कमलप्रीत सिंह, करणप्रीत सिंह और अमनदीप सिंह पर प्रथम श्रेणी हत्या तथा हत्या की साजिश रचने के आरोप हैं। चारों भारतीय नागरिक हैं और फिलहाल अनिवार्य न्यायिक हिरासत में रखे गए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार ट्रायल शुरू होने तक वे हिरासत में ही रहेंगे।
करण बराड़, कमलप्रीत सिंह और करणप्रीत सिंह को मई 2024 में एडमंटन और उसके आसपास से गिरफ्तार किया गया था, जबकि अमनदीप सिंह पर कुछ दिन बाद आरोप तय किए गए। उस समय वह पील रीजनल पुलिस की हिरासत में था, जहां उसे नवंबर 2023 में अन्य आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
खबरें और भी
इस पूरे मामले में अदालत ने प्रकाशन प्रतिबंध भी लागू कर रखा है। इसके चलते केस मैनेजमेंट, प्री-ट्रायल कॉन्फ्रेंस और विभिन्न आवेदनों के दौरान अदालत में पेश की गई दलीलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में भारी तनाव आ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में भारतीय एजेंसियों की संभावित संलिप्तता के "विश्वसनीय आरोप" होने की बात कही थी।
भारत ने इन आरोपों को शुरू से ही "बेबुनियाद" और "राजनीति से प्रेरित" बताते हुए सिरे से खारिज किया है। अब सबकी नजरें 16 जुलाई की अगली अदालत की सुनवाई और उसके बाद ट्रायल की समय सीमा पर टिकी हैं।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
भारतीय कानून के आगे नहीं टिकेगा सोशल मीडिया: हाईकोर्ट की फटकार

राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग करो, देशव्यापी विश्वास बढ़ेगा: अशोक गहलोत

दहेज की राशि में पैतृक संपत्ति की मांग भी गिनी जा सकती है: कलकत्ता हाईकोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का DMK को सख्त संदेश: न्यायालय को राजनीति का मंच न बनाएं

झारखंड HC ने JAP कांस्टेबल की बर्खास्तगी को रद्द किया, व्यभिचार अब कोई आपराधिक अपराध नहीं है

बाल विवाह पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने कहा, सभी धर्मों पर समान रूप से लागू है कानून

मुस्लिम लड़कियों की शादी की उम्र पर बड़ा फैसला, हाईकोर्ट ने कहा- पर्सनल लॉ से ऊपर हैं कानून

भारतीय कानून के दायरे में आएंगे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म
ताज़ा ख़बरें
- बाल विवाह पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
- भारत में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा पर एक गंभीर संकट
- विवाहिता से अवैध संबंध है अपराध नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने बर्खास्त कांस्टेबल को दिलाई राहत
- हाई कोर्ट ने फैसला किया: अनिश्चितकाल के लिए ब्लैकलिस्ट करना वैध नहीं है
- मुस्लिम पर्सनल लॉ के साथ, POCSO और बाल विवाह अधिनियम को भी मानना होगा: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
- सुप्रीम कोर्ट से विराम: कौन सा नेता सामना, कौन सी पार्टी पर सवाल
- पत्नी का पैतृक संपत्ति में हिस्से का दावा दहेज की मांग बन सकता है: कलकत्ता उच्च न्यायालय
- वित्त और बैंकिंग क्षेत्रों में सुधार के लिए कानूनी संशोधनों पर विचार

