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बिहार के रोहतास में बाल अपहरण‑दुर्व्यवहार केस में आरोपी को 20 साल कठोर कारावास

सासाराम की विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग को अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले रोहित कुमार बिंद को 20 साल की कठोर कारावास और ₹10,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला 2 नवंबर 2025 की घटना के 11 महीने बाद आया, जिसमें छह गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित निर्णय दिया गया। अतिरिक्त तीन साल की सजा भी साथ‑साथ लागू होगी।

8 अक्टूबर 2026 को 04:05 pm बजे
बिहार के रोहतास में बाल अपहरण‑दुर्व्यवहार केस में आरोपी को 20 साल कठोर कारावास

सौजन्य से:- ETV Bharat

अपहरण के बाद नाबालिग से किया था दुष्कर्म, अब 20 साल जेल में रहेगा आरोपी

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई है. महज 11 महीने में फैसला आया है. रिपोर्ट- रवि कुमार

Published : October 8, 2026 at 8:30 PM IST

सासाराम: बिहार के रोहतास में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सासाराम की विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी युवक को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी रोहित कुमार बिंद पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

11 महीने में आया कोर्ट का फैसला

मामले की सुनवाई ADJ-6 सह पॉक्सो कोर्ट में हुई. सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार मिश्र ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले में छह गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रोहित कुमार बिंद को दोषी करार दिया था. मामले में करीब एक साल के भीतर सुनवाई पूरी होने के बाद दोषी को सजा सुनाई गई है.

रोहित कुमार बिंद को सजा

अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक जनक राज किशोरी ने अदालत में मामले की पैरवी की. उन्होंने बताया कि घटना 2 नवंबर 2025 की है. नगर थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय नाबालिग के अपहरण के बाद उसके साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था. घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और आरोपी रोहित कुमार बिंद को गिरफ्तार किया गया.

"मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. गवाहों की गवाही और मामले में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना. इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें अदालत ने उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई."- जनक राज किशोरी, अपर लोक अभियोजक, सासाराम कोर्ट

तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा

अदालत ने इसके अलावे तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा भी सुनाई है. हालांकि, न्यायालय के आदेश के अनुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी यानी दोषी को एक के बाद दूसरी सजा अलग-अलग पूरी नहीं करनी होगी. इस फैसले के बाद नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषी को सजा मिली है.

अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से रखा, जिसके आधार पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया. अपर लोक अभियोजक जनक राज किशोरी ने बताया कि अभियोजन की ओर से मामले में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा गया. छह गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना और अब सजा सुनाई गई है.

ये भी पढ़ें: बिहार में ये क्या हो रहा है! पिस्टल की नोंक पर किशोरी को घर से उठाकर ले गया, छत पर किया दुष्कर्म

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