होमअपराधहाईकोर्ट ने फतेहपुर में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी, 16 सितंबर को हाज़िरी अनिवार्य
अपराध

हाईकोर्ट ने फतेहपुर में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी, 16 सितंबर को हाज़िरी अनिवार्य

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर के एक गिरफ्तारी मामले में सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने वाले चार पुलिस अफसरों को आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की और उन्हें 16 सितंबर को अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया। यह कार्रवाई इस बात पर प्रकाश डालती है कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में बिना वैधानिक मानदंडों के गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।

15 सितंबर 2026 को 09:05 pm बजे
हाईकोर्ट ने फतेहपुर में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी, 16 सितंबर को हाज़िरी अनिवार्य

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Prayagraj

- Fatehpur Police Contempt Notice | Allahabad High Court Summons Officers

पुलिस अधिकारियों को आपराधिक अवमानना नोटिस:फतेहपुर का मामला, 16 सितंबर को जिम्मेदार अफसर हाजिर हों

- कॉपी लिंक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात साल से कम सजा वाले अपराध में सुप्रीम कोर्ट के अर्नेश कुमार केस में दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना आरोपी को गिरफ्तार करने पर सख्त रुख अपनाया है।

कोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए चार पुलिस अधिकारियों को 16 सितंबर बुधवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस डी सिंह तथा न्यायमूर्ति संदीप जैन की खंडपीठ ने अंकित सिंह की याचिका पर दिया है।

क्या है फतेहपुर का मामजा जानिये

मामला फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पहुर निवासी अंकित सिंह परिहार, पुत्र जय सिंह परिहार की गिरफ्तारी से जुड़ा है। याची अधिवक्ता अमित सिंह परिहार ने दलील दी कि पुलिस ने अर्नेश कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हाईकोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए नोटिस जारी किया था। आरोप है कि नोटिस जारी होने के बावजूद अधिकारी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने फतेहपुर के डीएसपी सुशील कुमार दुबे, थाना कल्याणपुर के एसएचओ रमाशंकर सरोज, एसआई चंद्रपाल और चौकी प्रभारी चौडगरा को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन अपराधों में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है, उनमें आरोपी की गिरफ्तारी स्वतः या यांत्रिक तरीके से नहीं की जा सकती। पुलिस को गिरफ्तारी से पहले कानून में निर्धारित शर्तों और गिरफ्तारी की आवश्यकता पर विचार करना जरूरी है।

गिरफ्तारी इसलिए नहीं की पुलिस के पास शक्ति

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी को केवल इसलिए नहीं किया जा सकता कि पुलिस के पास ऐसा करने की शक्ति है। गिरफ्तारी की आवश्यकता और उसके औचित्य का निर्धारण कानून में तय मानकों के अनुसार किया जाना चाहिए। मौजूदा मामले में इन्हीं दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है, जिस पर हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के मेल‑इन वोटिंग पर रोक को खारिज किया, ट्रम्प ने न्यायालय पर सख्त आरोप लगाए
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के मेल‑इन वोटिंग पर रोक को खारिज किया, ट्रम्प ने न्यायालय पर सख्त आरोप लगाए

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने नकली साइबर कॉल सेंटर केस में 119 की गिरफ्तारी को कायम रखा
अपराध

अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने नकली साइबर कॉल सेंटर केस में 119 की गिरफ्तारी को कायम रखा

सुप्रीम कोर्ट ने फरहाद सूरी की यूपी पुलिस पर सीबीआई जांच की मांग खारिज की
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने फरहाद सूरी की यूपी पुलिस पर सीबीआई जांच की मांग खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 5 करोड़ जमा करने के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त अवधि दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को 5 करोड़ जमा करने के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त अवधि दी

दिल्ली हाई कोर्ट ने OpenAI को ANI की कॉपीराइट चुनौती पर जवाब देने का निर्देश दिया
अपराध

दिल्ली हाई कोर्ट ने OpenAI को ANI की कॉपीराइट चुनौती पर जवाब देने का निर्देश दिया

भारत की सुप्रीम कोर्ट ने वाइट-कोलर अपराधों में पुनःस्थापन को प्राथमिकता दी
अपराध

भारत की सुप्रीम कोर्ट ने वाइट-कोलर अपराधों में पुनःस्थापन को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को बंधक मुक्त नहीं किया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को बंधक मुक्त नहीं किया

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले दारा सिंह की रिहाई याचिका पर सजा समीक्षा बोर्ड ने रोक का आदेश
अपराध

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले दारा सिंह की रिहाई याचिका पर सजा समीक्षा बोर्ड ने रोक का आदेश

ताज़ा ख़बरें