कोटक महिंद्रा बैंक ने लखनऊ में सील हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर किया मामला
अलीगंज में एलडीए द्वारा अवैध इमारतों पर लगाए गए सील को हटाने के लिए कोटक महिंद्रा बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। बैंक का तर्क है कि सील के कारण उसका व्यापार ठप हो गया है, जबकि एलडीए का कहना है कि भवनस्वामी ने वैधता के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए। अब तक इस याचिका की सुनवाई नहीं हुई है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6aa9a638659f87af010b9451","slug":"bank-moves-supreme-court-against-sealing-lucknow-news-c-13-lko1096-1920914-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: सीलिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: सीलिंग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बैंक
विज्ञापन
लखनऊ। अलीगंज में एलडीए की सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में कोटक महिंद्रा बैंक सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। बैंक ने कार्रवाई को गलत बताते हुए सील खोलने की मांग की है।
बीते 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। एक जनहित याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एलडीए ने इलाके की 51 अवैध बिल्डिंगों को चिह्नित करने की जानकारी कोर्ट को दी। बीते 20 दिनों में एलडीए ने चिह्नित अवैध इमारतों में से 17 को सील भी किया। इनमें से एक इमारत में कोटक महिंद्रा बैंक है। सीलिंग के विरोध में बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया है। हालांकि, इसकी सुनवाई नहीं हुई है।
उधर, एलडीए अधिकारियों का कहना है कि भवनस्वामी ने बिल्डिंग को वैध कराने के लिए न तो शमन मानचित्र दाखिल किया और न ही सील खोलने के संबंध में आवेदन किया गया है। अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि सीलिंग के खिलाफ बैंक कोर्ट गया है, भवनस्वामी नहीं। बैंक का तर्क है सीलिंग से उसका कारोबार बंद हो गया है। ऐसे में उसकी सील खोली जाए।
विज्ञापन
सुनवाई टली, नई तारीख अभी तय नहीं
अलीगंज अग्निकांड के बाद इलाके में चिह्नित अवैध इमारतों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी पर यह नहीं हुई। एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि जिस बेंच में सुनवाई होनी थी वह बैठी नहीं। नई तारीख का अभी नहीं पता चला है।
विज्ञापन
बीते 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। एक जनहित याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद एलडीए ने इलाके की 51 अवैध बिल्डिंगों को चिह्नित करने की जानकारी कोर्ट को दी। बीते 20 दिनों में एलडीए ने चिह्नित अवैध इमारतों में से 17 को सील भी किया। इनमें से एक इमारत में कोटक महिंद्रा बैंक है। सीलिंग के विरोध में बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया है। हालांकि, इसकी सुनवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
उधर, एलडीए अधिकारियों का कहना है कि भवनस्वामी ने बिल्डिंग को वैध कराने के लिए न तो शमन मानचित्र दाखिल किया और न ही सील खोलने के संबंध में आवेदन किया गया है। अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि सीलिंग के खिलाफ बैंक कोर्ट गया है, भवनस्वामी नहीं। बैंक का तर्क है सीलिंग से उसका कारोबार बंद हो गया है। ऐसे में उसकी सील खोली जाए।
विज्ञापन
सुनवाई टली, नई तारीख अभी तय नहीं
अलीगंज अग्निकांड के बाद इलाके में चिह्नित अवैध इमारतों पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी पर यह नहीं हुई। एलडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि जिस बेंच में सुनवाई होनी थी वह बैठी नहीं। नई तारीख का अभी नहीं पता चला है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
भिवानी में 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, आपसी सहमति से निपटेंगे लंबित विवाद

दिल्ली हाई कोर्ट ने ITAT की लापरवाही पर कड़ी निंदा, पटंजाली के टैक्स अपीलों के सभी सात आदेश रद्द

भोपाल के आवासीय इलाकों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुनवाई स्थगित, 190 बंद दुकानों को फिर खोल दिया गया

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधिकरणों के खाली पदों को भरने तक सेवानिवृत्त सदस्यों के कार्यकाल में विस्तार की सलाह दी

ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट पर प्रहार किया, मध्यावधि चुनाव में डाक‑मत जारी रखने की मंजूरी पर नाराज़

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिक्तियों को रोकने के लिए रिटायर सदस्यों को 1‑2 महीने का कार्यकाल विस्तार का सुझाव दिया

लखनऊ में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग पर योगी सेना का मार्च

हाईकोर्ट ने संबंध छुपाने की कोशिश पर सुरक्षा याचिका खारिज की
ताज़ा ख़बरें
- जैक‑97 निजी कारणों से सुनवाई में नहीं हो पाए, मामला 22 सितंबर तक टाला गया
- RBI ने टाटा सन्स की लिस्टिंग को रोकने के लिए बंबई हाई कोर्ट में केवेट याचिका दायर की
- भोपाल के आवासीय क्षेत्रों में 62,500 व्यवसायों की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, नगर निगम ने कार्रवाई रिपोर्ट पेश की
- भोपाल के आवासीय इलाकों में व्यापार पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टली, 62,500 प्रतिष्ठानों का फैसला लटका
- पंजाब‑हरियाणा हाई कोर्ट ने अनियमित कार्य‑चार्ज कर्मचारियों के परिवार को पेंशन नहीं देने का सिद्धांत स्थापित किया
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सीवर सफाई के दौरान मरण पाते कर्मचारियों को 30 लाख का मुआवजा मिलेगा
- बाराबंकी की लोक अदालत में 80‑वर्षीय दंपति ने झगड़ा खत्म कर फिर एक‑दूसरे को जयमाला पहनाई
- ए.पी. सिंह की मदद से बृजभूषण शरण सिंह की रिहाई: सुप्रीम कोर्ट वकील ने इंटरव्यू में खुलासा किया

