दिल्ली में विशेष लोक अदालत के माध्यम से ट्रैफिक चालान और बिजली बिल के एक लाख 16 हजार 316 मामलों का निपटारा
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विशेष लोक अदालत के माध्यम से ट्रैफिक चालान और बिजली बिल के एक लाख 16 हजार 316 मामलों का निपटारा किया गया। इस मौके पर 1 अरब 24 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूली किया गया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
विशेष लोक अदालत में हुआ ट्रैफिक चालान और बिजली बिल के एक लाख 16 हजार 316 मामलों का निपटारा
मामलों का निस्तारण कर वसूला गया 4.04 करोड़ रूपये का जुर्माना.
Published : July 13, 2026 at 9:51 AM IST
नई दिल्ली: दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) द्वारा रविवार को राजधानी के सभी जिला न्यायालय परिसरों में यातायात चालानों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया. डीएसएलएसए अगली लोक अदालत से यातायात चालान का भुगतान यूपीआई तथा डेबिट/क्रेडिट कार्ड के माध्यम से करने की सुविधा भी शुरू करने का प्रयास कर रहा है.
डीएसएलएसए के अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय ने यह जानकारी दी. इससे भुगतान की प्रक्रिया और अधिक तेज, सुरक्षित, सरल तथा पारदर्शी होगी. दिल्ली के सभी सात जिला न्यायालय परिसरों में कुल 1,15,739 ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया गया तथा 2.24 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूल किया गया. बिजली से संबंधित मामलों के लिए स्थायी लोक अदालत परिसर में भी लोक अदालत की पीठों का गठन किया गया, जहाँ 617 मामलों का निपटारा किया गया और 1.79 करोड़ रुपये की राशि पर समझौता हुआ. इस प्रकार, कुल 1,16,356 मामलों का निपटारा किया गया तथा 4.04 करोड़ रुपये की समझौता/जुर्माना राशि प्राप्त हुई.
डिजिटल तरीके से हुआ चालानों का निपटारा
इसके साथ ही माता सुंदरी लेन स्थित स्थायी लोक अदालत (पीएलए) में बिजली (बीवाईपीएल) मामलों के लिए भी एक लोक अदालत पीठ का गठन किया गया. इस लोक अदालत में डिजिटल लोक अदालत एप्लिकेशन का उपयोग किया गया, जिसे डीएसएलएसए, दिल्ली सरकार, एनआईसी और दिल्ली यातायात पुलिस ने मिलकर विकसित किया है. इस एप्लिकेशन के माध्यम से यातायात चालानों का निपटारा पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया गया. इसमें एकीकृत डाटाबेस, बारकोड से चालान खोजने की सुविधा, दिल्ली यातायात पुलिस और वर्चुअल कोर्ट पोर्टल से सीधा जुड़ाव तथा चालान के निपटारे के बाद नागरिकों को तुरंत एसएमएस भेजने की सुविधा उपलब्ध है.
अधिकारियों ने किया लोक अदालत की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
लोक अदालत में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वरिष्ठ न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिला न्यायालय परिसरों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दक्षिण) संजीव कुमार अग्रवाल, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दक्षिण-पूर्व) उमेद सिंह तथा सदस्य सचिव डीएसएलएसए राजीव बंसल ने साकेत जिला न्यायालय में लोक अदालत की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. इसी प्रकार विशेष सचिव डीएसएलएसए तन्वी खुराना ने पटियाला हाउस न्यायालय में व्यवस्थाओं की निगरानी की. अतिरिक्त सचिव डीएसएलएसए अभिनव पाण्डेय ने कड़कड़डूमा, तीस हजारी तथा रोहिणी न्यायालय परिसरों में आयोजित लोक अदालतों की निगरानी की. सचिव (विधिक) डीएसएलएसए भारती गर्ग ने राउज़ एवेन्यू न्यायालय परिसर में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया.
हेल्प डेस्क और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की रखी गई व्यवस्था
लोक अदालत में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए सभी जिला न्यायालय परिसरों में हेल्प डेस्क, रैंप, व्हीलचेयर, चिकित्सा सहायता, शौचालय, पीने के स्वच्छ पानी तथा सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई.
लोक अदालत में आए लोगों ने डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया, कम प्रतीक्षा समय तथा चालान के निपटारे के तुरंत बाद एसएमएस मिलने की सुविधा की सराहना की. न्यायिक अधिकारियों और न्यायालय कर्मचारियों ने भी इस नई तकनीक की प्रशंसा की क्योंकि इससे पहले होने वाले अतिरिक्त डाटा एंट्री के कार्य से काफी राहत मिली.
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